आइडिया सेल्युलर को जून तिमाही में 263.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हआ है। हम आपको बता दे कि लगातार 6 तिमाहियों तक घाटे में रहने के बाद पिछली तिमाही में कंपनी मुनाफे में लौटी है।
आइडिया सेल्युलर को जून तिमाही में 263.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हआ है। हम आपको बता दे कि लगातार 6 तिमाहियों तक घाटे में रहने के बाद पिछली तिमाही में कंपनी मुनाफे में लौटी है। इसमें टावर यूनिट में हिस्सेदारी अमेरिकन टावर कॉर्प को बेचने से हुए वनटाइम एक्सेप्शनल गेन की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि, रिलायंस जियो इन्फोकॉम की प्राइम वॉर और इंटरकनेक्ट चार्जेज में कटौती के चलते कंपनी की आमदनी में गिरावट आई है।
वोडाफोन इंडिया के टावर 3,850 करोड़
जबकि अगर कंपनी को वनटाइम गेन नहीं होता तो जून तिमाही में उसे 2,757.6 करोड़ रुपये का घाटा हुआ होता। कंपनी को इस तिमाही में आइडिया सेल्युलर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड में हिस्सेदारी एटीसी को बेचने से 3,364.5 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल गेन हुआ। वहीं आइडिया ने 9,900 कैप्टिव टावर को एटीसी को 4,000 करोड़ रुपये में बेचा था। यह डील दो हिस्सों में होनी है। इसके दूसरे हिस्से में एटीसी वोडाफोन इंडिया के टावर 3,850 करोड़ रुपये में खरीदेगा। कंपनी ने बताया कि कम कीमत पर अनलिमिटेड वॉइस और बंडल्ड डेटा प्लान के साथ रियायती दरों पर एक कंपनी के 4जी फीचर फोन ऑफर करने से दूसरी कंपनियों को यूजर्स को साथ बनाए रखने के लिए डिस्काउंट देना पड़ रहा है।
भारती एयरटेल जून तिमाही के नतीजे
हम आपको बता दे मार्केट ऐनालिस्ट्स ने जून तिमाही में आइडिया को 1,652 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान लगाया था। जो साल भर पहले की इसी तिमाही में कंपनी को 816 करोड़ का नेट लॉस हुआ था। रिलायंस जियो के 22 महीने पहले लॉन्च के बाद से इंडस्ट्री की हालत खराब है। पिछले हफ्ते भारती एयरटेल ने जून तिमाही के नतीजे पेश किए थे। इसमें उसे 97.30 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ था, लेकिन आमदनी 13.5 पर्सेंट की गिरावट के साथ 14,930 करोड़ रुपये हो गई थी।
आइडिया का एवरेज रेवेन्यू
वहीं, जियो जून क्वॉर्टर में लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफे में रहा। उसका प्रॉफिट तिमाही आधार पर 20 पर्सेंट बढ़कर 612 करोड़ रुपये हो गया। वहीं जियो की आमदनी 8,109 करोड़ रुपये रही। वहीं, वोडाफोन इंडिया को जून तिमाही में 7,660 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। जून तिमाही में आइडिया का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (आरपू) गिरकर 100 रुपये रह गया, जो मार्च तिमाही में 105 रुपये था। एयरटेल और वोडाफोन को भी आरपू को 100 रुपये से ऊपर बनाए रखने में मुश्किल हो रही है। वहीं, जियो का आरपू जून तिमाही में 134.50 रुपये रहा। आइडिया की ग्रॉस इनकम जून तिमाही में 28 पर्सेंट की गिरावट के साथ 5,889.2 करोड़ रुपये रही।
आइडिया-वोडाफोन, एयरटेल और जियो शामिल
एक्सपर्ट्स जल्द ही टैरिफ वॉर के खत्म होने का अनुमान लगा रहे हैं। इंडस्ट्री में कंसॉलिडेशन के बाद तीन मजबूत ऑपरेटर रह जाएंगे। जिसमें आइडिया-वोडाफोन, एयरटेल और जियो शामिल होंगी। जैसा कि आप जानते है आइडिया और वोडाफोन इंडिया के मर्जर को हाल ही में टेलिकॉम डिपार्टमेंट की ओर से मंजूरी मिली है। वहीं आइडिया के शेयर सोमवार को 3.63 पर्सेंट चढ़कर 58.45 रुपये पर रही। हम आपको बता दे कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद रिजल्ट का एलान किया था।


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