टैरिफ वॉर के बीच वोडाफोन इंडिया का सर्विस रेवेन्यू पहली तिमाही में 31 प्रतशत कम हुआ है। वहीं आइडिया के साथ कंपनी का मर्जर अगले महीने पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। वोडाफोन इंडिया का अलग कंपनी के
टैरिफ वॉर के बीच वोडाफोन इंडिया का सर्विस रेवेन्यू पहली तिमाही में 31 प्रतशत कम हुआ है। वहीं आइडिया के साथ कंपनी का मर्जर अगले महीने पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। वोडाफोन इंडिया का अलग कंपनी के रूप में यह आखिरी रिजल्ट हो सकता है। जैसा कि कंपनी ने बताया है जून तिमाही में उसकी सर्विस आमदनी घटकर 7,680 करोड़ रुपये यानी 95.5 करोड़ यूरो रह गई है, जो साल भर पहले 1.38 अरब यूरो थी। वहीं मार्च तिमाही की तुलना में कंपनी की आमदनी में 1.4 प्रतिशत गिरावट आई क्योंकि उसका मंथली डेटा यूजेज चार गुना बढ़कर 4.6 जीबी प्रति यूजर हो गया। जब कि वोडाफोन ने बताया कि डेटा प्राइसेज में बड़ी गिरावट के चलते इसका इस्तेमाल बढ़ा है।
अगस्त में आइडिया के साथ मर्जर
आइडिया के साथ मिलकर वोडाफोन इंडिया ने इस हफते सरकार को 7200 करोड़ के बकाए का भुगतान किया था। वही इस बात की भी जानकारी मिली की अगस्त में आइडिया के साथ मर्जर पूरा होने की उम्मीद है। वहीं हम आपको बता दे कि इसके पहले जून की डेडलाइन तय की गई थी। ये बात सच है कि आइडिया और वोडाफोन इंडिया के मिलने के बाद देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वजूद में आएगी। इस कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड होगा। इसके सीइओ बालेश शर्मा होंगे और यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड बनी रहेगी।
टेलीकॉम मार्केट में जोरदार मुकाबला
हम आपको बता दे वोडाफोन ग्रुप के सीईओ विटोरियो कोलाओ ने अपने एक स्टेटमेंट में कहा, 'भारत में टेलीकॉम मार्केट में जोरदार मुकाबला चल रहा है। इस बीच, हमें डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम से आइडिया और वोडाफोन इंडिया के मर्जर को सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस डील को अगस्त से पहले क्लोज करना चाहते हैं।' वहीं कोलाओ ने कहा कि मर्जर के बाद वोडाफोन उन 12 सर्कल पर ध्यान देगी, जिनसे उसे 90 पर्सेंट ऑपरेटिंग इनकम होती है। कंपनी पारंपरिक तौर पर देश के शहरी क्षेत्रों में मजबूत रही है। वहीं, आइडिया अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकों में अच्छी मौजूदगी रखती है।
जियो और एयरटेल से मुकाबला
इस बात पर भी गौर किया गया कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ग्राहकों की संख्या के आधार पर देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी होगी। इसके पास 43 करोड़ यूजर्स होंगे और 31 पर्सेंट रेवेन्यू मार्केट शेयर कंपनी के पास होगा। नई कंपनी बनने के बाद लॉन्ग टर्म में 10 अरब डॉलर की बचत का अनुमान लगाया गया है। मर्जर के बाद चौथे साल में यह बचत 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। इससे वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को रिलायंस जियो इंफोकॉम और भारती एयरटेल की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी। वोडाफोन आइडिया की शुरुआत 1,25,000 करोड़ के कर्ज के साथ होगी। कर्ज कम करने के लिए कंपनी में निवेश की जरूरत पड़ सकती है। इतना ही नहीं जियो और एयरटेल से मुकाबला करने के लिए कंपनी को 4जी नेटवर्क बढ़ाना होगा। उसके लिए भी फंड की जरूरत पड़ेगी।


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