नए मोटर वाहन विधेयक के अनुसार, आपके आधार नंबर को आपके ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा। तो वहीं ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए और सड़कों की सुरक्षा के लिए सरकार कई नए नियमों को लेकर आने वाली है। मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक जो कि संसद में फंसा हुआ है में यह वादा किया गया है कि रोड ट्रैफिक की स्थिति में सुधार किया जाएगा। साथ ही इस बिल में आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करने को लेकर भी प्रस्ताव है। आपको बता दें कि यह बिल अभी तक संसद की ऊपरी सदन - राज्यसभा द्वारा पारित नहीं किया गया है। तो आइए आपको बताते हैं कि 2018 के ट्रैफिक नियमों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।
आधार से लिंक होगा ड्राइविंग लाइसेंस
नए मोटर वाहन विधेयक के अनुसार, आपके आधार नंबर को आपके ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा। तो वहीं ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।
यातायात उल्लंघन पर रद्द होगा पंजीकरण
माता-पिता, अभिभावक या वाहन मालिक किशोरों द्वारा यातायात उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार होंगे जब तक कि यह अदालत में साबित न हो कि अपराध उनके ज्ञान के बिना किया गया था। किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध के अनुसार, कम उम्र के बच्चे का वाहन पंजीकरण को रद्द कर सकते हैं।
मददगार लोगों को प्राप्त होगा संरक्षण
भारत के ऐसे सिटीजन जिन्हें मदद की जरूरत है उनके लिए संरक्षण प्रदान किया जाएगा। यदि आप रोड एक्सीडेंट में दुर्घटना पीढि़त व्यक्ति की मदद करते हैं तो आपको नागरिक या आपराधिक दायित्व से संरक्षित किया जाएगा। पुलिस या अस्पताल के कर्मचारियों की पहचान अब वैकल्पिक होगी।
ड्रिंक और ड्राइव के केस 10 हजार रुपए देना होगा जुर्माना
भारत में ड्रिंक और ड्राइव के केस में जुर्माना 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है। तो वहीं रैश ड्राइविंग करने और वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस न रखने पर अब 1,000 रुपए की जगह 5,000 रुपए देने होंगे।
बिना सीटबेल्ट लगाए गाड़ी चलाने पर और तेज स्पीड में गाड़ी चलाने पर अब आपको 2,000 रुपए चुकाने होंगे।
ड्राइविंग लाइसेंस को री-न्यू कराने के का समय एक्सपायरी डेट के 1 महीने से 1 साल तक बढ़ गया है।
हिट और रन केस में अब दुर्घटना से पीढि़त व्यक्ति के परिवार को 25,0000 रुपए की जगह 2 लाख रुपए दिए जाते हैं।
मोटर वाहन अधिनियम को इस बार संसद के सदन में राज्यसभा द्वारा भी पारित कर दिया जाएगा। यह बिल लोकसभा से पहले ही पारित कर दिया गया है।


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