इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनी गूगल इस समय यूरोपीय संघ की ओर से भारी जुर्माना लगाने के आदेश का सामना करने की तैयारी में है।
इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनी गूगल इस समय यूरोपीय संघ की ओर से भारी जुर्माना लगाने के आदेश का सामना करने की तैयारी में है। यारोपीय आयोग ने गूगल पर अपने सर्च इंजन के प्रभुत्व को मजबूत करने के लिए अवैध रूप से एंड्रायड मोबाइल डिवाइसों से प्रयोग को लेकर बुधवार को रिकार्ड 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। प्रौद्योगिकी दिग्गज ने कहा कि इसके खिलाफ वह अपील करेगी। जबकि आयोग के मुताबिक, गूगल ने साल 2011 से एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं पर सामान्य इंटरनेट सर्च में अपनी प्रमुख स्थिति के मद्देनजर अवैध रूप से रोक लगा रखी थी। इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनी गूगल इस समय यूरोपीय संघ की ओर से भारी जुर्माना लगाने के आदेश का सामना करने की तैयारी में है। यारोपीय आयोग ने गूगल पर अपने सर्च इंजन के प्रभुत्व को मजबूत करने के लिए अवैध रूप से एंड्रायड मोबाइल डिवाइसों से प्रयोग को लेकर बुधवार को रिकार्ड 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। प्रौद्योगिकी दिग्गज ने कहा कि इसके खिलाफ वह अपील करेगी। जबकि आयोग के मुताबिक, गूगल ने साल 2011 से एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं पर सामान्य इंटरनेट सर्च में अपनी प्रमुख स्थिति के मद्देनजर अवैध रूप से रोक लगा रखी थी।

गूगल अधिकारी सुंदर पिचाई ने इस फैसले के तुरंत बाद एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, लगातार नवाचार, व्यापक पसंद, और गिरती कीमतें तेज प्रतिस्पर्धा का मजबूत सबूत है। एंड्रायड ने इसे सक्षम किया है और हर किसी के लिए व्यापक विकल्प और पसंद पैदा किया है। यही कारण है कि एंड्रायड के खिलाफ आज दिए गए फैसले के खिलाफ अपील करना चाहते हैं। वहीं गूगल के सीईओ के मुताबिक, इस तथ्य को अनदेखी की गई है कि एंड्रायड फोन्स आईओएस फोन्स का मुकाबला करते हैं। वहीं पिचाई ने इस बात से रूबरू करवाया कि एंड्रायड ने हजारो फोन निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क प्रदाताओं को कितना अधिक च्वाइस दिया है, जो एंड्रायड फोन बनाते और बेचते हैं। दुनिया भर के लाखों एप डेवलपर्स ने एंड्रायड के साथ अपना उद्यम तैयार किया है और अरबों ग्राहक अब नवीनतम एंड्रायड स्मार्टफोन को खरीदने और उसका प्रयोग करने में सक्षम हैं। आयुक्त मार्गेट वेस्टेगर जो प्रतिस्पर्धा नीति की प्रभारी भी हैं। उनके मुताबिक यह मामला गूगल द्वारा लगाए गए तीन तरह के प्रतिबंधों का है, जो इसने एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और नेटवर्क ऑपरेटरों पर लगाए हैं, ताकि एंड्रायड डिवाइस का ट्रैफिक गूगल के सर्च इंजन को ही जाए और किसी अन्य को नहीं। वेस्टेगर का कहना है इस तरीके से गूगल ने एंड्रायड का इस्तेमाल सर्च इंजन में अपना प्रभुत्व बढ़ाने के लिए किया है।
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