आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति जून में पांच महीने के उच्चतम स्तर 5 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने 4.87 फीसदी थी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति जून में पांच महीने के उच्चतम स्तर है जो कि 5 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने 4.87 फीसदी थी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में अर्थशास्त्री ने खुदरा मुद्रास्फीति जो कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति के रूप में भी जाना जाता है वार्षिक रुप से 5.30 प्रतिशत पर है। तो वहीं औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर मई महीने में सात महीने के निचले स्तर 3.2 फीसदी रह गई है।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में आंकी जाने वाली कारखाना उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल महीने में संशोधित 4.8 फीसदी रही है जबकि पहले जारी आंकड़ों में यह 4.9 प्रतिशत थी। जबकि IIP की वृद्धि दर पिछले साल मई में 2.9 प्रतिशत थी। तो वहीं इससे पहले अक्टूर 2017 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर थी।
IIP वृद्धि दर
वर्तमान वित्त वर्ष की अप्रैल-मई अवधि में IIP वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रही जो गत वर्ष समान अवधि में 3.1 प्रतिशत थी। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा 77.63 प्रतिशत है। मई माह में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 2.8 प्रतिशत रही। बिजली उत्पादन क्षेत्र की वृद्धि दर उसी महीने में 4.2 प्रतिशत थी जबकि खनन क्षेत्र की वृद्धि दर इस दौरान 5.7 प्रतिशत थी।
खुदरा मुद्रास्फीति दर
यदि खुदरा मुद्रास्फीति दर की बात करें तो ईधन की कीमतें बढ़ने से जून महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत पर पहुंच गई है। खुदरा मुद्रास्फीति का पिछले महीने में यह सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरें कम करने की संभावना कमजोर हुई है। आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस साल मई में 4.87 प्रतिशत था जबकि पिछले साल जून में 1.46 प्रतिशत थी। तो वहीं जनवरी 2018 में यह 5.07 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी।
फलों, सब्जियों और दालो में
केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार फलों, सब्जियों एवं दालों के दाम में धीमी वृद्धि के कारण खाद्य श्रेणी में मुद्रास्फीति मई के 3.1 प्रतिशत से कम होकर जून में 2.91 प्रतिशत पर आ गई। फिलहाल ईंधन और इलेक्ट्रिक श्रेणी में मुद्रास्फीति मई के 5.8 प्रतिशत से बढ़कर जून में 7.14 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
कपड़ो और जूतों में
अन्य आंकड़ों के अनुसार कपड़ों, जूते-चप्पलों की श्रेणी में मुद्रास्फीति 5.67 प्रतिशत पर और आवास क्षेत्र में 8.45 प्रतिशत पर थी। इन दोनों क्षेत्रों में मिपछले महीने की तुलना में मामूली अधिक वृद्धि हुई है। सरकार ने आरबीआई को मुद्रास्फीति चार प्रतिशत से दो प्रतिशत अधिक या कम के दायरे का लचीलापन भी दिया गया है।
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