बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करने वालों को बड़ा झटका लगने वाला है क्योंकि अब निवेशक बिटकॉइन में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे।
बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करने वालों को बड़ा झटका लगने वाला है क्योंकि अब निवेशक बिटकॉइन में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। भारत में आरबीआई ने सभी बैंकों से कहा है कि वो इनसे संबंध तोड़ लें। तो वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी दखल देने से इंकार कर दिया है।

रिजर्व बैंक ने बैंकों निर्देश दिया है कि वो 5 जुलाई तक क्रिप्टोकरेंसी में डील करने वालों से अपने संबंध तोड़ लें। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने यह सर्कुलर अप्रैल में जारी किया था। इसके बाद से क्रिप्टो एक्सचेंज में भारत में ट्रेडिंग नहीं हो पाएगी।
आरबीआई ने 6 अप्रैल को जारी सर्कुलर में कहा था कि रिजर्व बैंक नियमन के तहत आने वाली सभी वर्चुअल इकाइयों के लिए वर्चुअल करेंसी से संबंधित सेवाओं को उपलब्ध कराने से रोका जाता है। वर्चुअल करेंसी की खरीद एवं बिक्री से मिलने वाली राशि को खातों में प्राप्त करने और स्थानांतरित करने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है।
उच्चतम न्यायालय आभासी मुद्रा को लेकर बैंकों और वित्त संस्थानों द्वारा जी जाने वाली सेवाओं पर रोक लगाए जाने के रिजर्व बैंक के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
आपको बता दें कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा हैं जो कि भारत में मान्य नहीं हैं। इसमें कंप्यूटर के जरिए ही आभासी मुद्रा को तैयार किया जाता है।


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