यहां पर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र के घोटाले के बारे में पढ़ेंगे जो कि उनके खुद के चेयरमैन रविंद्र मराठे के द्वारा किया गया है।
देश का एक और बड़ा घोटाला सामने आया है यह घोटाला भी पंजाब नेशनल बैंक की ही तरह है। खैर यह घोटाला है बैंक ऑफ महाराष्ट्र का जिसमें मुख्य आरोपी खुद बैंक के चेयरमैन हैं। माना जा रहा है बैंक में 3 हजार करोड़ रुपए की हेरा-फेरी की गई है यह पैसा फेक लोन के नाम से लिया गया है। इस हेरा-फेरी के लिए बैंक के एमडी और पूर्व एमडी सहित 5 बड़े अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के रूप में एमडी और चेयरमैन रविंद्र मराठे के अलावा बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके गुप्ता और बैंक के पूर्व एमडी सुशील मुहनोत को पकड़ा गया है।

आपको बता दें कि इन सबको 27 जून तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। यह भी आरोप है कि इन लोगों ने दिवालिया हो चुके डीएसके ग्रुप को गलत तरीके से लोन दिलवाने में मदद की थी।
शेल कंपनियों को बड़ी मात्रा में ऋण मंजूर करने के लिए कथित रूप से अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए मराठे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
83 वर्षीय पुणे-मुख्यालय बैंक ऑफ महाराष्ट्र भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है। पुलिस ने बताया कि डीएस कुलकर्णी समूह के चार्टर्ड एकाउंटेंट सुनील घाटपांडे और वीपी इंजीनियरिंग राजीव नवस्कर के दो अधिकारी भी गिरफ्तार किए गए हैं।


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