यहां पर आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मुद्रा योजना के लिए प्रस्तुत किए गए रिर्पोट कार्ड के बारे में बताएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करते हुए आज मुद्रा योजना का रिर्पोट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अब तक कितने लोग इससे लाभांवित हुए हैं और किस तरह से यह काम कर रही है। इस मौके पर बातचीत करते हुए उन्होंने मुद्रा योजना को रोजगार सृजन वाली योजना बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने उद्यमियों को साहुकारों और बिचौलियों के कुचक्र से बचाने में सहायता प्रदान की है। इस योजना ने नया व्यापार आरंभ करने अथवा बढ़ाने की इच्छा रखनेवालो युवाओं और महिलाओं को एक सुअवसर प्रदान किया है।
इतना मिला है लाभ
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने अब तक 5.75 लाख करोड़ की राशि के 12 करोड़ रूपए के ऋण प्रदान किये हैं। इसमें से 3.25 लाख करोड़ रूपए के ऋण 28 प्रतिशत पहली बार इस योजना का लाभ उठाने वाले उद्यमियों को प्रदान किये गए। कुल लाभार्थियों में 74 प्रतिशत महिलाओ और 55 प्रतिशत लोन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछडे वर्ग के लाभार्थियो को प्रदान किये गये।
आर्थिक और सामाजिक रुप से सशक्त हुए हैं लोग
मोदी ने मुद्रा योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना ने लघु और सूक्ष्म व्यापार को बढावा देते हुए गरीबों के जीवन में निरंतर सुखद परिवर्तन किया है। इस योजना ने लोगो को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया है और लोगो को सफलता के लिए एक मंच प्रदान किया है।
और पहले लागू हो जानी चाहिए थी योजना
स्वरोजगार सृजन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वरोजगार आज एक गर्व का विषय है और इसने लोगों को उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता की है जिन्हे पहले असंभव माना जाता था।
इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि मुद्रा योजना कुछ वर्ष पहले कार्यान्वित की गई होती तो इससे लाखों लोगो को अपना व्यापार स्थापित करने में मदद मिलती और इससे बड़े स्तर पर पलायन को रोका जा सकता था।
प्रधानमंत्री से संवाद करते हुए लाभार्थियों ने मुद्रा योजना से व्यापार स्थापित करने और दूसरो के लिए रोजगार सृजन करने में सहायता के संबध में बताया।
इतने बैंकों में मिलता है मुद्रा लोन
इस मौके पर पीएम ने कहा कि आज सिर्फ 110 बैंक ही नहीं, इनके अलावा 72 Micro financial Institutions (MFI) और 9 Non-Banking Financial Companies (NBFCs) भी मुद्रा लोन दे रहे हैं। बैंकों ने भी मुद्रा लोन लेने की प्रक्रिया को और आसान बनाने का काम भी किया है। Documents जुटाना तनाव ना बने, इसलिए कागजी प्रक्रिया को भी सरल रखा गया। Self Employed होना आज एक गर्व की बात है और इसके प्रेरणास्त्रोत आप सब लोग हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने किया था। 8 अप्रैल 2015 को प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत गैर व्यवसायी, गैर कृषि और छोटे व्यापारियों को 10 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। ये सभी ऋण पीएमएमवाई के अंतर्गत मुद्रा ऋण के नाम से वर्गीकृत किये गये हैं। ये ऋण व्यवसायिक बैंको,आरआरबी के लघु वित्त बैंको,सहकारिता बैंको,एमएफआई और एनबीएफसी के द्वारा प्रदान किये गये हैं।


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