आयकर विभाग ने जारी किए सभी '7' ITR फॉर्म

आयकर विभाग ने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आज एक नोटिस जारी की है जिसमें यह बताया गया है कि ई-फाइलिंग के लिए सभी 7 आटीआर फॉर्म का लॉन्‍च और एक्‍टीवेट कर दिया गया है।

आयकर विभाग ने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आज एक नोटिस जारी की है जिसमें यह बताया गया है कि ई-फाइलिंग के लिए सभी 7 आटीआर फॉर्म का लॉन्‍च और एक्‍टीवेट कर दिया गया है। इसके बाद से करदाताओं के लिए टैक्‍स फाइल करना ज्‍यादा आसान हो जाएगा। आपको बता दें सेट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेस (CBDT) ने 5 अप्रैल को एसेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए नए इनकम टैक्‍स रिटर्न फॉर्म्‍स नोटिफाई किए थे।

5 अप्रैल से लॉन्‍च हो रहे हैं आइटीआर फॉर्म

5 अप्रैल से लॉन्‍च हो रहे हैं आइटीआर फॉर्म

विभाग ने बयान में कहा है 2017-19 के लिए सभी आईटीआर अब ई-फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं। कर विभाग ने 5 अप्रैल से धीरे-धीरे आईटीआर फॉर्म लॉन्च किए हैं क्योंकि करदाता 31 जुलाई की समयसीमा से पहले अपने रिटर्न दाखिल करने की उम्मीद कर रहे हैं।

आईटीआर विभाग की वेबसाइट पर भर सकेंगे फॉर्म

आईटीआर विभाग की वेबसाइट पर भर सकेंगे फॉर्म

सीबीडीटी ने कहा था कि करदाताओं की कुछ श्रेणी को छोड़कर सभी 7 आईटीआर विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से दायर किए जाएंगे- //www.incometaxindiaefiling.gov.in नए आईटीआर फॉर्म वेतनभोगी वर्ग का आकलन उनके वेतन विराम, और व्यापारियों को उनके GST नंबर और कारोबार प्रदान करने का आकलन करते हैं।

आईटीआर फॉर्म-1

आईटीआर फॉर्म-1

आईटीआर-1 को 'सहज' फॉर्म कहा जाता है, जिसे सैलरी, घर, एफडी व आरडी आदि पर मिले ब्‍याज सहित 50 लाख रुपए तक इनकम वाले सैलरीड लोग भर सकते हैं। इसके अलावा पहले डिटेल सैलरी ब्रेक-अप आईटीआर फॉर्म का हिस्‍सा नहीं था, जिसे इस साल जोड़ दिया गया है। इसी तरह हाउस प्रॉपर्टी से हुई इनकम की डिटेल भी देनी होगी।

आपको बता दें कि बीते वित्‍त वर्ष के दौरान इस फॉर्म को 3 करोड़ लोगों द्वारा उपयोग किया गया था। आइटीआर-1 से जेंडर का कॉलम हटा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अब जेंडर की जानकारी नहीं देनी होगी। नॉन रेसिडेंट व्‍यक्तिगत रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 का इस्‍तेमाल नहीं कर पाएंगे।

 

आईटीआर फॉर्म- 2

आईटीआर फॉर्म- 2

इसी तरह, आईटीआर-2 फॉर्म का उपयोग इंडिविजुअल्‍स और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) द्वारा किया जाता है, जिन्‍हें बिजनेस या प्रोफेशन से हुए प्रॉफिट और अन्‍य स्‍त्रोतों से आय हुई हो। प्रमुख व्यवसाय या पेशे के तहत आय रखने वाले व्यक्तियों और एचयूएफ अनुमानित आय मामलों में या तो आईटीआर -3 या आईटीआर -4 दर्ज कर सकते हैं। शेष रूप करदाताओं की विभिन्न श्रेणियों के लिए हैं।

नहीं हुआ है कोई बदलाव ऑनलाइन ही भरना होगा फॉर्म

नहीं हुआ है कोई बदलाव ऑनलाइन ही भरना होगा फॉर्म

सीबीडीटी, जो कर विभाग के लिए नीति बनाता है, ने कहा था कि कुछ क्षेत्रों को नवीनतम रूपों में "तर्कसंगत" किया गया है और पिछले वर्ष की तुलना में आईटीआर दाखिल करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। सभी ITR फॉर्म ऑनलाइन भरने होंगे। सिर्फ उन्‍हीं को आईटीआर 1 और आईटीआर फॉर्म 4 सुगम हार्ड कॉपी में भरकर जमा करने की अनुमति होगी, जिनकी उम्र वित्‍त वर्ष में 80 वर्ष हो गई है या ऐसे व्‍यक्ति या अविभाजित हिंदू परिवार, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपए तक होगी और वे रिटर्न का दावा नहीं करेंगे।

नकद जमा का हटाया गया कॉलम

नकद जमा का हटाया गया कॉलम

एसेसमेंट ईयर 2017-18 में विशेष अवधि के दौरान नकद जमा कराने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन एससेमेंट ईयर 2018-19 के फॉर्म में इस कॉलम को हटा दिया गया है।

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