पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंतरगत लाने की मांग अब और तेज हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय और नीति आयोग दोनों ने ही जीएसटी काउंसिल से अपील की है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी अंतरगत लाया जाए। लोग लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ने से परेशान हैं और वह सरकार के लगातार खोखले वादों से ऊब चुके हैं। इस बीच खुद सरकार के ही बीच से पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए उसे जीएसटी के अंतरगत लाने की अपील की गई है।
राज्य सरकारों से वैट घटाने की अपील
समाचार पोर्टल नवभारत टाइम्स ने एजेंसी की हवाले से खबर प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को ओडिशा सरकार से भी अनुरोध किया किया कि वह पेट्रोलियम उत्पादों पर मूल्यवर्द्धित कर (वैट) घटाए। प्रधान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों को (जीएसटी) के दायरे में लाने के पक्ष में है, लेकिन तब तक के लिए हम किसी तत्काल समाधान पर विचार कर रहे हैं।'
पिछले साल 2 रुपए कम किए थे दाम
उन्होंने कहा, 'हम निश्चित तौर पर समाधान के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगे।' उन्होंने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में केंद्र सरकार ने गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए ईंधन पर 2 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क घटाया था। इस बार केंद्र सरकार लघु और दीर्घवधि दोनों तरह के समाधान पर विचार कर रही है।
नीति आयोग ने शुल्क घटाने की अपील की
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि राज्य इस स्थिति में हैं कि वे पेट्रोल पर शुल्क घटा सकते हैं और उन्हें ऐसा करना चाहिए जबकि केंद्र को ईंधन की बढ़ीं कीमतों के असर से निपटने के लिए राजकोषीय उपाय करने चाहिए।
...तो दिल्ली में 55 रुपए लीटर बिकेगा पेट्रोल
इस बीच आर्थिक विशेषज्ञों ने कहा है कि, पेट्रोल-डीजल आदि पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जा सकता है। इस स्थिति में भी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 55 रुपए प्रति लीटर के आसपास रह सकती है, लेकिन एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि 28 फीसदी जीएसटी के अलावा राज्यों को कुछ सेस लगाने का अधिकार भी दिया जा सकता है, ताकि वे अपने घाटे की कुछ भरपाई कर सकें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सरकारी तेल कंपनियों ने लगातार 11वें दिन घरेलू दरों में वृद्धि की। दिल्ली में पेट्रोल 77.47 रुपये प्रति लीटर और डीजल 68.53 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। कुमार ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, 'राज्यों और केंद्र दोनों के पास शुल्क कम करने का अधिकार है। राज्य ईंधन पर मूल्यानुसार टैक्स लगाते हैं इसलिए उनके पास अधिक गुंजाइश है। केंद्र की तुलना में राज्य बेहतर ढंग से कटौती कर सकते हैं।'
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