हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय से चीनी आयत के मामले पर आई सूचना पर अब वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है।

वाणिज्य मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति
पाकिस्तान से चीनी के आयात के बारे में मीडिया में कुछ गलत सूचनाएं सामने आने के बारे में जानकारी मिली है। यह स्पष्ट किया जाता है कि वित्त वर्ष 2018-19 (14 मई, 2018 तक) में पाकिस्तान से 0.657 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की सिर्फ 1908 एमटी चीनी का आयात हुआ है। वर्ष 2017-18 में 4.68 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की 13,110 एमटी चीनी का आयात हुआ था।
हमें इस आयात को अवश्य ही इस समग्र संदर्भ में देखना चाहिए कि चीनी सीजन 2017-18 के दौरान भारत में लगभग 31.90 मिलियन टन चीनी का कुल वार्षिक उत्पादन हुआ है। इसके अलावा, भारत ने वर्ष 2017-18 में 1.75 मिलियन टन चीनी का निर्यात किया। अप्रैल-मई, 2018 में कुल 2,40,093 एमटी चीनी का निर्यात हुआ है। अत: देश में कुल उत्पादन और भारत से निर्यात की तुलना में पाकिस्तान से आयात अत्यंत मामूली रहा है। इसके अलावा, इस आशय की जानकारी दी गई है कि पाकिस्तान सरकार ने प्रति किलो चीनी पर 10.7 रुपये की नकद भाड़ा (फ्रेट) सब्सिडी दी है।
चीनी की आयात नीति
वर्तमान समय में 100 प्रतिशत सीमा शुल्क के साथ चीनी का आयात मुक्त (फ्री) है। भारत में आयात के लिए किसी भी वस्तु हेतु पाकिस्तान संबंधी कोई विशिष्ट पाबंदी नहीं है।
भारत पर फिलहाल पाकिस्तान सहित डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य देशों को एमएफएन (सभी देशों के साथ समान एवं गैर भेदभावपूर्ण व्यवहार) दर्जा देने संबंधी डब्ल्यूटीओ दायित्व है।
आयात
कीमत के अनुसार वर्ष 2016-17 में चीनी का कुल आयात 1,019 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ था और यह वर्ष 2017-18 में घटकर 934 मिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर आ गया। अप्रैल-मई 2018 के दौरान कुल चीनी आयात 37.75 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ।
मात्रा के अनुसार वर्ष 2016-17 में कुल चीनी आयात 2.14 मिलियन एमटी का हुआ और यह वर्ष 2017-18 में थोड़ा बढ़कर 2.40 मिलियन एमटी के स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल-मई 2018 के दौरान कुल चीनी आयात 1,16,512 एमटी का हुआ। चीनी का आयात मुख्यत: ब्राजील से किया जाता है।
चीनी का आयात यदि अग्रिम अधिकार पत्र के तहत किया जाता है, तो उसका वास्ता केवल निर्यात से होता है और इसका वास्ता घरेलू बिक्री से नहीं होता है।
पाकिस्तान से आयातित चीनी की गुणवत्ता जांच
हमने कस्टम विभाग से अनुरोध किया है कि वह कड़ी जांच करने के साथ-साथ विशेषकर मुम्बई और वाघा में चीनी आयात की एफएसएसएआई लैब में गुणवत्ता निरीक्षण के लिए नमूने तैयार करे।
पिछले दो वर्षों के दौरान और वर्ष 2018-19 (14 मई तक) में देश-वार चीनी आयात और निर्यात के आंकड़े संलग्न किये गये हैं।
साभार- PIB
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