ऑफिस में नींद आए तो सो जाइए, नहीं होगी कोई पूछताछ!

एक बार सोच कर देखिए कि आप काम करते-करते ऑफिस में सो जाते हैं और उसी दौरान आपके बॉस आपके पास आ जाएं, आगे के बारे में हम बताने की जरूरत नहीं आप खुद समझ गए होंगे कि क्या होगा। पर एक देश ऐसा भी है जहां ऑफिस में काम करते-करते सो जाना अच्छा माना जाता है, बॉस को ये लगता है कि कर्मचारी कड़ी मेहनत कर रहा है इसलिए वह थोड़ी देर सोने का हकदार है। ऐसे ही तमाम देश हैं जहां के श्रम कानून कर्मचारियों के अनुकूल हैं। आइए जानते हैं कुछ देशों के दिलचस्प श्रम कानून के बारे में।

नौकरी से नहीं निकाल सकता है बॉस

नौकरी से नहीं निकाल सकता है बॉस

पुर्तगाल का नाम आते ही हमारे मन में फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का ख्याल आता है, पर अब पुर्तगाल का एक काननू जानने के बाद आप पुर्तगाल को उसके इस कानून के लिए भी याद रखेंगे। पुर्तगाल में कोई कंपनी यूं ही अपने किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती। वहां के लेबर लॉ में टर्मिनेशन पीरियड जैसी कोई चीज ही नहीं है। अगर बॉस किसी कर्मचारी को निकालना चाहता है तो पहले उसे मोटा रेजिग्नेशन पैकेज देना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी उस पैकेज से संतुष्ट हो।

रीडिंग ब्रेक

रीडिंग ब्रेक

वैसे तो संयुक्त अरब अमीरात अपने उट-पटांग कानूनों के लिए ज्यादा फेमस है पर जब बात कर्मचारियों के हितों की आती है तो वहां की स्थिति भी काफी अच्छी दिखती है। संयुक्त अरब अमीरात में कर्मचारियों को काम के दौरान 2 घंटे का 'रीडिंग ब्रेक' मिलता है। वहां के नए कानून 'नेशनल लॉ ऑफ रीडिंग' के तहत कर्मचारियों को यह सुविधा मिलती है।

यहां मिलती है पेड वैकेशन

यहां मिलती है पेड वैकेशन

यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया में भी कर्मचारियों की सुविधा के लिए कई नियम और कानून बने हैं। ऑस्ट्रिया में तो पेड वकेशन का नियम ही है। यहां कर्मचारियों को हर साल 22 वर्किंग डेज की पेड वकेशन मिलती है और जिन कर्मचारियों को 25 साल का अनुभव होता है उनके लिए पेड वकेशन में कुछ और दिन ऐड हो जाते हैं। यहां 13 पेड हॉलिडेज की पॉलिसी भी है। जो कर्मचारी इन हॉलिडेज पर काम करते हैं उन्हें दोगुना कॉम्पन्सेशन मिलता है।

यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस का कानून

यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस का कानून

यूरोप में कर्मचारियों की सुविधा के लिए कई तरह के कानून बने हैं। इसमें जो भी देश यूरोपीय यूनियन के सदस्य हैं वह यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस के बनाए गए कानून के दायरे में आते हैं। यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कुछ वर्ष पहले एक ऐतिहासिक फैसला दिया था। इसके तहत ऑफिस आने-जाने में लगने वाले टाइम को भी वर्किंग टाइम में शामिल कर लिया गया है ताकि कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा का ख्याल रखा जा सके।

छुट्टी के दिन नो कॉल्स, नो मेल्स

छुट्टी के दिन नो कॉल्स, नो मेल्स

श्रम कानून का सबसे अच्छा अगर कहीं पालन होता है तो वो है फ्रांस। वहां काम करने के घंटे फिक्स हैं, कर्मचारियों के तमाम रियायते हैं। फ्रांस में आप छुट्टी के दिन ऑफिस से पूरी तरह डिसकनेक्ट हो सकते हैं। मतलब नो ऑफिशल मेल्स और कॉल्स। फ्रांस में एक कानून है जिसे 'राइट टु डिसकनेक्ट' कहा जाता है। जिसके तहत छुट्टी वाले दिन कर्मचारियों को ऑफिशल मेल भेजना या कॉल करना बैन है।

4 दिन काम 3 दिन आराम

4 दिन काम 3 दिन आराम

एक अन्य यूरोपीय देश नीदरलैंड्स भी अपने कर्मचारियों को लिए कई अच्छे कानून बना चुका है। नीदरलैंड्स में कर्मचारी हफ्ते के 4 दिन काम करते हैं और 3 दिन आराम। यहां कर्मचारियों को पेड वकेशन, मैटरनिटी और पैटरनिटी लीव भी मिलती है।

ऑफिस में नींद आए तो सो जाइए

ऑफिस में नींद आए तो सो जाइए

तकनीकी रुप से दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में जापान का नाम लिया जाता है। जापान में कर्मचारियों की फरफॉर्मेंस बनी रहे इसलिए सरकार और कंपनियों ने कई रियायते दी हैं। जापान में अब कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को 'स्लीपिंग ब्रेक' दे रही हैं ताकि उनकी परफॉर्मेंस बेहतर हो सके। इन कंपनियों का मानना है कि अगर काम के वक्त किसी कर्मचारी को नींद आ रही है तो वह आलसी नहीं है बल्कि उसने बहुत मेहनत की है और उसे उचित नींद की जरूरत है।

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