मेक इन इंडिया के तहत अब दुनिया की सबसे खतरनाक एसॉल्ट राइफल AK-47 का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की तरफ ये एक अहम कदम माना जा रहा है। भारत में एके-47 के एडवांस वर्जन पर काम होगा और इसके लिए रुस की क्लानिश्कोव के साथ करार पूरा किया जा चुका है।
कानपुर की आयुध फैक्ट्री में होगा निर्माण
खास बात ये है कि एके-47 के एडवांस वर्जन के निर्माण कानपुर स्थित आयुध फैक्ट्री में होगा। आपको बता दें कि कानपुर में तीन आयुध फैक्ट्री हैं जिनमें धनुष और सारंग जैसी तोप का निर्माण किया जा चुका है वहीं मल्टी बैरल रॉकेट प्रणाली पिनाका का भी निर्माण कानपुर में ही किया जाता है इसके अलावा कार्बाइन राइफल, LMG (लाइट मशीन गन) रिवॉल्वर आदि के पार्ट्स और कंपोनेंट्स यहीं तैयार किए जाते हैं।
एक साल में 20 हजार AK-47 निर्माण का लक्ष्य
कानपुर की आयुध फैक्ट्री के कर्मचारी इस बात से काफी उत्साहित हैं कि उनके आयुध कारखाने को एके-47 राइफल के कंपोनेंट बनाने का ऑर्डर मिला है। कर्मचारियों का मानना है कि ये आयुध फैक्ट्री के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कानपुर आयुध फैक्ट्री को एक साल में 20 हजार एके-47 एसॉल्ट राइफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की पहल
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए भारत ने देश में ही एके-47 के निर्माण का निर्णय लिया है। इस कार्य के लिए एके-47 के अलावा एके-100 सीरीज पर काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि रुसी कंपनी भारत को बेहद सस्ते दाम में एके-100 बेचेगी।
स्वदेशी रक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर
आपको बता दें कि भारत में बहुत तेजी से तमाम रक्षा उपकरणों को देश में ही विकसित करने का काम किया जा रहा है। इसमें एसॉल्ट राइफल से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर तक शामिल हैं। भारत अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए जिन देशों के साथ समझौता कर रहा है, उस समझौते में तकनीक हस्तारण भी शामिल है। मोदी सरकार के इस कदम से देश की रक्षा इंडस्ट्री को काफी बल मिलेगा साथ ही एडवांस तकनीक का लाभ भी होगा।


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