गुड्स एड सर्विस टैक्स यानी GST लागू करते वक्त सरकार ने दावा किया था कि टैक्स चोरी करना आसान नहीं होगा। सरकार ने दावा किया था कि जीएसटी रिजीम में टैक्स की हेराफेरी नहीं हो पाएगी। अब ये सच होता भी दिख रहा है। एक मामले में मात्र 0.77 पैसे के हेर-फेर को जीएसटी में पकड़ लिया गया है।
0.77 पैसे के हेर-फेर पकड़ा
दरअसल स्टेट बैंक डिपार्ट्मेंट ने एक कंपनी को मात्र 77 पैसे के अंतर की वजह से नोटिस भेजा है। जीएसटी पेमेंट में 0.77999999999883585 रुपए के अंतर पाने पर टैक्स डिपार्टमेंट ने अहमदाबाद स्थिति इंजीनियरिंग कंपनी को नोटिस भेजा है। विभाग ने कंपनी से इस अंतर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
विभाग ने अंतर पर मांगा जवाब
खबरों के मुताबिक, मुताबिक विभाग ने कंपनी ने इस अंतर पर जवाब मांगा है। रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी भुगतान में गिरावट के बाद विभाग ने ऐसे व्यापारियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है, जिनका टैक्स पेमेंट उनके फाइनल सेल्स रिटर्स से मेल नहीं खा रहा। वहीं जिन कंपनियों के फाइनल सेल्स रिटर्न GSTR-1 GSTR-2A से मैच नहीं हो रहे हैं उन्हें स्क्रूटनी नोटिस भेजी जा रही है।
कई व्यापारियों ने कम रिटर्न भरा
रेवेन्यू डिपार्मेंट के मुताबिक 34 फीसदी कारोबारियों ने जुलाई-दिसंबर के बीच शुरुआती रिटर्न समरी (GSTR-3B) फाइल करने में 34,400 करोड़ रुपए कम भरे हैं। जीएसटी रिजीम में डेटा ऐनालिटिक्स ने जीएसटी भरने में हो रही इस गड़बड़ी को पकड़ा और ऐसे व्यापारियों को नोटिस भेजना शुरू किया, जिसके GSTR-1 और GSTR-3B और GSTR-2A और GSTR-3B के बीच अंतर है।
GST-R को बनाया गया सरल
आपको बता दें कि देश में जीएसटी लागू होने के बाद उसकी फाइलिंग और काफी उलझे हुए सिस्टम से ज्यादातर व्यापारी परेशान थे लेकिन बाद में सिस्टम को काफी हद तक सुधारा गया है जिससे व्यापारियों को जीएसटी फाइल करने में पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं कर पड़ रहा है।


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