दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने पिछले कुछ दिनों से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अब फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया है।
देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अब मल्टीनेशल कंपनी बन गई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने पिछले कुछ दिनों से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अब फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया है। ये दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील है। इस डील में फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी को वॉलमार्ट ने खरीद लिया है।
77% हिस्सेदारी खरीदी
दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा बिक्रेता वालमार्ट इंक ने बुधवार को घोषणा की कि वह देश के प्रमुख ई-टेलर फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी 16 अरब डॉलर में खरीद रही है। अमेरिका के कंसास स्थित मुख्यालय वाली कंपनी वॉलमार्ट ने अमेरिका में एक बयान में कहा, "वालमार्ट, फ्लिपकार्ट की शुरुआती 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए 16 अरब डॉलर का भुगतान करेगी, जो भारत में नियामकीय मंजूरियों के अधीन है।"
सचिन बंसल ने बेचे सारे शेयर, छोड़ दी कंपनी
वहीं इस घोषणा से पहले कंपनी के को-फाउंडर सचिन बंसल ने अपने सारे शेयर्स बेचने की घोषणा कर दी है। सचिन बंसल के पास कंपनी की 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जिसे वह अब पूरी तरह से वॉलमार्ट को बेंच देंगे। फ्लिपकार्ट के को फाउंडर सचिन बंसल ने कंपनी में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
किसकी कितनी हिस्सेदारी थी?
फ्लिपकार्ट में सचिन बंसल के 5.5 प्रतिशत शेयरों के साथ, जापान के सॉफ्टबैंक की 20.8 प्रतिशत, ईबे की 6.1 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल थी। जिसमें से अब सचिन बंसल ने अपने सारे शेयर्स वॉलमार्ट को बेच दिए हैं। ऐसी भी खबरे हैं कि फ्लिपकार्ट के एक अन्य को-फाउंडर बिनी बंसल कंपनी के नए चेयरमैन और ग्रुप सीईओ हो सकते हैं।
भारत में फैलेगा वॉलमार्ट का कारोबार
वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट में करार के बाद भारत में वॉलमार्ट का कारोबार लगभग 10 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। आपको बता दें कि वॉलमार्ट ग्लोबल के सीईओ डग मैकमिलन मंगलवार को इस डील के लिए भारत पहुंच गए थे और बुधवार को डील का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।


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