प्रौद्योगिकी, शोध और नए विचारों पर आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने 'राइज इंडिया' के लिये अगले चार वर्षों में साल 2022 तक शिक्षा क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री ने कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को 'नरेन्द्र मोदी एप' के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा आबादी का लाभ लेने के लिये सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर की गुणवत्ता पर पूरा जोर दिया है।
नमो एप के जरिए युवाओं को किया संबोधित
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को ‘नरेन्द्र मोदी एप' के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा आबादी का लाभ लेने के लिये सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर की गुणवत्ता पर पूरा जोर दिया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा स्तर पर प्रतियोगिता परीक्षा के लिये नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया गया है । ज्ञान, स्वयं, स्मार्ट हैकाथन जैसी पहल के साथ शोध एवं नवोन्मेष को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही देश में 20 उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की पहल की गई है ।
6 नए IIT बनाए जाएंगे
मोदी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में कामकाज को बेहतर बनाने के लिये उन्हें स्वायत्तता दी जा रही है और हाल ही में यूजीसी ने 60 उच्च शिक्षण संस्थाओं को स्वायत्तता दी है। पिछले 3-4 वर्षों में देश में कालेजों एवं विश्वविद्यालयों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। 6 नए IIT स्थापित किये जा रहे हैं । इसके अलावा प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत 1000 बीटेक छात्रों को पीएचडी करने का मौका मिलेगा ।
आज की जरूरत के हिसाब से होगी नई शिक्षा प्रणाली
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारी सरकार शिक्षा प्रणाली के सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए, उसे आज की जरूरत के अनुरूप बना रही है। इसमें शोध और नवोन्मेष पर खास जोर दिया गया है। ''
1 लाख करोड़ रुपए का होगा निवेश
प्रधानमंत्री ने कहा उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘राइज इंडिया' के लिये अगले चार वर्षों में साल 2022 तक शिक्षा क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री ने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव का अपना अंकगणित होता है । चुनाव में जीत का रास्ता मतदान केंद्र से निकलता है, इसलिये मतदान केंद्रों पर ध्यान दें ।


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