यहां पर आपको ईपीएफ स्कीम के तहत मिलने वाले दो अलग-अलग अकाउंट हेड के बारे में बताएंगे।
ईपीएफ या कर्मचारी भविष्य निधि योजना के सभी सदस्यों के लिए दो अलग-अलग मेम्बर अकाउंट हेड होंगे जिसमें से एक है निश्चित आय - जहां सदस्य के खाते में सालाना निश्चित ब्याज जमा होती है और दूसरा है इक्विटी (ईटीएफ) - जिसमें इक्विटी में निवेश इकाई के रूप में दिखता है और रिटर्न बाजार पर निर्भर होता है।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश की इस अकाउंटिंग पॉलिसी को हाल ही में EPFO या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के मुख्य निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) ने मंजूरी दी है।
ETF क्या है
आपको बता दें कि ईपीएफओ अगस्त 2015 से ईटीएफ के जरिये शेयर बाज़ार में निवेश कर रही है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) वो फंड हैं जो सेंसेक्स और निफ्टी के इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। 2015-16 में, ईपीएफओ ने अपने निवेश जमाओं में से 5%का निवेश किया, जो 2016-17 में 10% और 2017-18 में 15% तक पहुँच गया है।
EPF मेंबर को निवेश में मिलेगा विकल्प
इसके साथ ही, रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफ़ओ के 5 करोड़ सदस्यों को जल्दी ही अपने प्रोविडेंट फंड को एक्सचेंज ट्रेड फंड (ईटीएफ) के जरिये शेयर्स में निवेश बढ़ाने या कम करने का विकल्प मिल सकता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ (सीबीटी) ने भी इक्विटी आवंटन को अनिवार्य इक्विटी निवेश सीमा (वर्तमान में 15 प्रतिशत) से ज़्यादा बढ़ाने और सदस्यों के लिए इक्विटी आवंटन को सीमा से कम करने की संभावनाओं पर विचार करना शुरू किया है।
वर्तमान में नहीं है कोई विकल्प
वर्तमान में, ईपीएफ़ओ सदस्यों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है और निवेश योग्य जमा का 15% बॉडी इनवेस्टमेंट ईटीएफ़ में जाता है, इससे पहले पिछले साल, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ ने एक अकाउंटिंग पॉलिसी को अप्रूव किया था जिसमें नकद के अलावा ईटीएफ़ को भी मेम्बर के खाते में क्रेडिट करने की बात की गई थी।
15% इक्विटी यूनिट होगी आवंटित
सीबीटी ने ईपीएफ़ओ एडवाइजरी कमेटी फाइनेंस इनवेस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी कि सिफ़ारिशों को अप्रूव किया है कि सब्सक्राइबर्स को केवल उनके योगदान की 15% इक्विटी यूनिट ही आवंटित की जाएंगी, इसके ऊपर का आवंटन ईपीएफ़ओ द्वारा किया जाएगा।
अन्य कई सिफारिशों को भी माना है
ट्रस्टी ने ईपीएफ़ओ एडवाइजरी कमेटी फाइनेंस इनवेस्टमेंट एंड ओडिट कमेटी ने इस सिफ़ारिश को भी माना है कि इक्विटी यूनिटों का समयावधि के अनुसार निपटारा हो और एक अलग से रिजर्व फंड हो जिससे इक्विटी के रिटर्न में अस्थिरता दूर हो और इक्विटी पर सब्सक्राइबर्स को समान रिटर्न मिले।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 28 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में आया उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 27 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में तेजी! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Silver Price Today: 26 मार्च को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! प्रति किलो चांदी सस्ता हुआ या महंगा?

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?



Click it and Unblock the Notifications