सस्ते खाद्य पदार्थों विशेषकर दाल एवं सब्जियों के कारण थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति मार्च में थोड़ा कम होकर 2.47 प्रतिशत पर आ गयी है। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस साल फरवरी में 2.48 प्रतिशत और पिछले साल मार्च में 5.11 प्रतिशत रही थी। सरकार द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार , मार्च में खाद्य पदार्थ 0.29 प्रतिशत सस्ते हुए हैं। फरवरी में ये 0.88 प्रतिशत महंगे हुए थे। इसी तरह मार्च के दौरान सब्जियां 2.70 प्रतिशत , दाल 20.58 प्रतिशत और गेहूं 1.19 प्रतिशत सस्ते हुए हैं।

हालांकि ईंधन एवं विद्युत श्रेणी में मार्च में महंगाई 4.70 प्रतिशत बढ़ी है। फरवरी में इनकी मुद्रास्फीति 3.81 प्रतिशत बढ़ी थी। जनवरी के मुद्रास्फीति के आंकड़े को 2.84 प्रतिशत के प्राथमिक आकलन से संशोधित कर 3.02 प्रतिशत कर दिया गया।

पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य कीमतों में नरमी के कारण मार्च में खुदरा मुद्रास्फीति पांच महीने के निचले स्तर 4.28 प्रतिशत पर आ गयी है। चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति का हवाला देकर नीतिगत दरों को यथावत रखा था। रिजर्व बैंक ने खुदरा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को घटाकर अप्रैल - सितंबर छमाही के लिए 4.7-5.1 प्रतिशत तथा अक्तूबर - मार्च छमाही के लिए 4.4 प्रतिशत कर दिया था।
ईंधन और बिजली, इस प्रमुख समूह का सूचकांक पिछले महीने के 98.1 अंक (अनंतिम) से 0.1 प्रतिशत घटकर 98.0 अंक (अनंतिम) रह गया। इस महीने के दौरान विभिन्न समूहों एवं मदों में जो परिवर्तन देखे गए उनका उल्लेख नीचे किया गया है, 'बिजली' समूह का सूचकांक पिछले महीने के 102.4 अंक (अनंतिम) से 2.9 प्रतिशत बढ़कर 105.4 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा बिजली (3%) का दाम बढ़ जाने के कारण हुआ।


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