आरबीआई ने बैंक समेत सभी नियंत्रित कंपनियों के बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरंसी के कारोबार पर रोक लगाते हुए कहा कि वह वैध डिजिटल मुद्रा लाने पर विचार कर रहा है।
उद्योग संगठन एसोचैम ने भारतीय रिजर्व बैंक के देश में आधिकारिक क्रिप्टोकरंसी लाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार में डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। आरबीआई ने बैंक समेत सभी नियंत्रित कंपनियों के बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरंसी के कारोबार पर रोक लगाते हुए कहा कि वह वैध डिजिटल मुद्रा लाने पर विचार कर रहा है।
लक्ष्मी क्रिप्टोकरंसी!
हाल ही में आरबीआई, वित्तमंत्रालय ने ऐसे संकेत दिए थे कि सरकार खुद की एक डिजिटल क्रिप्टोकरंसी 'लक्ष्मी' को आने वाले दिनों में लॉन्च कर सकती है। इसके लिए सरकार ने बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरंसी पर रोक लगाने, उनके लेन-देन को रोकने और अवैध बनाने की दिशा में तमाम कठोर कदम उठाए हैं।
सरकारी क्रिप्टोकरंसी लाने के दिए संकेत
एसोचैम की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, आरबीआई जब क्रिप्टोकरेंसी लाने की दिशा में काम शुरू करेगा तो निस्संदेह इसका अंतर-विभागीय अध्ययन समूह डिजिटल मुद्रा की सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं का परीक्षण करेगा। क्रिप्टोकरेंसी निजी तौर पर दुनिया के विभिन्न भागों में उपयोग में है और इसके प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है।
सुरक्षा जरूरी
उद्योग संगठन ने कहा, हाल ही में इसकी सुरक्षा की जरूरत पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, क्योंकि तकरीबन 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर के डाटा में सेंधमारी की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। एसोचैम के मुताबिक, डिजिटल मुद्रा जगत के लिए आरबीआई के ये कदम बिल्कुल व्यावहारिक और साहसिक हैं।
क्रिप्टोकरंसी की लोकप्रियता बढ़ रही है: एसोचैम
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि, प्रौद्योगिकी के मंचों की संख्या में निरंतर हो रही वृद्धि से हम अपने आपको अलग-थलग नहीं रख सकते, धोखाधड़ी, डाटा लीक आदि से आभासी मुद्रा का उपयोग करने वाले हर व्यक्ति को अवश्य सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। भारत में हर बिटक्वाइन का कारोबार 10 लाख रुपए से ज्यादा है, जबकि लोग इसमें 3,000 रुपए से कई लाख रुपए निवेश कर रहे हैं।


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