आम बजट के बाद मौद्रिक नीति की पहली समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक की कमेटी ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट 5.75 प्रतिशत जबकि सीआरआर 4 प्रतिशत और एसएलआर 19.5 प्रतिशत पर कायम रखा गया है।

आपको बता दें कि मौद्रिक नीति समिति की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जबकि सरकार ने जोर देकर कहा है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा आम बजट के संशोधित अनुमान से कम रहेगा। आपको याद हो तो पिछले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए संकेत दिया था कि 2018 में वह दो बार और ब्याज दरें बढ़ाएगा।
मौद्रिक नीति के इस निर्णय का उद्योग मंडल फिक्की ने तरफदारी की है। फिक्की का इस पर कहना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार अब दिखने लगा है, लेकिन वृद्धि के स्तर को और बढ़ाने की जरुरत है। तो वहीं कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा था कि अभी रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि 2018-19 में मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है।
बता दें कि पिछली बार अगस्त महीने की मौद्रिक नीति की समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत कटौती का ऐलान किया था। उसके बाद 4 अक्टूबर और 6 दिसंबर की नीतिगत समीक्षा में कोई बदलाव नहीं किए गए थे।


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