यहां पर आपको बताएंगे कि सरकार अगली तिमाही तक छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में बदलाव क्यों नहीं कर रही है।
आम आदमी को राहत देते हुए वित्त मंत्रालय अगली तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर अपनी मोहर लगाते हुए कहा है कि अगली तिमाही में इन पर ब्याज दर नहीं घटेंगी। आपको बता दें कि सरकार ने अप्रैल-जून 2018 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। अगले तीन महीने तक NSC, PPF जैसी बचत योजनाओं पर उतना ही ब्याज मिलता रहेगा। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए प्रदान किया है।
आधार से लिंक करने की बड़ी डेडलाइन
बचत योजनाओं पर फैसले के साथ एक और नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसमें कि यह बताया गया है कि स्मॉल सेविंग स्कीम को आधार से लिंक करने की डेडलाइन को कोर्ट के ऑर्डर आने तक आगे बढ़ा दिया गया है। फिलहाल 5 साल वाली सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के लिए अभी ब्याज दर 8.3 प्रतिशत है। तो वहीं सेविंग डिपॉजिट के लिए मौजूदा ब्याज दर 4 प्रतिशत सालाना है।
ब्याज दर न बढ़ाने का कारण
सरकार की ओर से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर नहीं बढ़ाने या घटाने के पीछे सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि उसकी ओर से यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में ब्याज दरों में हो रही बढ़ोत्तरी से तालमेल बिठाने के लिए उठाया जा रहा है।
इस आधार पर तय होती है ब्याज दर
आपको बता दें कि सरकार हर तिमाही में पीपीएफ, एनएससी, वरिष्ठ नागरकि बचत योजना और सुकन्या समद्धि जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करती है। जनवरी-मार्च तिमाही के लिए सरकार ने इस तरह की योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.2 प्रतिशत की कटौती की थी।
बचत योजनाओं पर ब्याज दरें
| योजना | ब्याज दर |
|---|---|
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.6 फीसदी |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.6 फीसदी |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.3 फीसदी |
| सुकन्या समृद्धि अकाउंट | 8.1 फीसदी |
| 1 से 5 साल के टर्म डिपॉजिट | 6.6 फीसदी से 7.4 फीसदी |
| 5 साल के रिकरिंग डिपॉजिट | 6.9 फीसदी |


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