महानंदी कोलफील्ड्स लि. को वित्त वर्ष 2000-01 से 2010-11 के बीच की अवधि में स्वीकृत सीमा से अधिक उत्पादन के लिए 17 परियोजनाओं को 8,297.77 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया है।
कोल इंडिया ने सोमवार को बताया कि उसकी सहयोगी कंपनी महानंदी कोलफील्ड्स लि. को वित्त वर्ष 2000-01 से 2010-11 के बीच की अवधि में स्वीकृत सीमा से अधिक उत्पादन के लिए 17 परियोजनाओं को 8,297.77 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया है। खनन दिग्गज की सहायक कंपनी पहले ही 'वैध कानूनी आधार' पर अपवर्जन का निवेदन दाखिल कर चुकी है।

हालांकि इस नोटिस के बाद भी कोल इंडिया के शेयरों में तेजी देखी गई है। सुबह 9.15 बजे मार्केट खुलने पर कोल इंडिया के शेयर 275.40 रुपए के स्तर पर थे 10 बजे के दौरान शेयरों में करीब 3 रुपए की गिरावट दर्ज की गई जिसके बाद शेयर में एक बार फिर तेजी देखी गई और शेयर 276.35 रुपए के स्तर पर पहुंच गए। कोल इंडिया के शेयरों में 1.06 प्रतिशत की तेजी देखी गई जबकि शेयरों में 2.85 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
कोल इंडिया ने विनियामक फाइलिंग में कहा गया है कि महानंदी कोलफील्ड्स लि. की 17 परियोजनाओं को 6 मार्च और 7 मार्च, 2018 को खनन उपनिदेशक राउरकेला, संबलपुर और तलचर सर्किल का कुल 8,297.77 करोड़ रुपए का नोटिस प्राप्त हुआ है।
कंपनी ने कहा है कि यह नोटिस अवैध खनन के लिए नहीं, बल्कि स्वीकृत सीमा से अधिक खनन के लिए प्राप्त हुआ है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दो अगस्त, 2017 को दिए गए आदेश के आलोक में ओडिशा में बिना जरूरी मंजूरी के खनन करनेवाले खनन पट्टाधारियों पर 100 फीसदी का जुर्माना लगाया गया है और राउरकेला, संबलपुर और तलचर सर्किल के डीडीएम ने इस संबंध में एमसीएल की 24 कोयला खनन परियोजनाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


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