वित्त मंत्रालय की ओर से यह कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 20125 तक 2 गुनी होकर 5,000 अरब डॉलर यानी 325,00,000 करोड़ डॉलर पर पहुंच जाने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मंत्रालय का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय मुद्रास्फीति के लक्ष्य को लेकर कोई खतरा नहीं है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा है कि देश 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की ओर अग्रसर है। स्टार्ट अप, एमएसएमई एवं बुनियादी ढ़ांचा निवेश पर ध्यान दिए जाने से अर्थव्यवस्था की स्पीड और तेज की जा सकती है।

सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि मेरा मानना है कि यह सोचना काफी उचित होगा कि यदि अर्थव्यवस्था अगले 7-8 साल तक वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती है और मांग का सृजन होता है, हम 2025 तक अर्थव्यवस्था के आकार को 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचा सकेंगे। यह एक उचित लक्ष्य है।
फिलहाल भारत के सकल घरेलू उत्पाद का आकार 2,500 अरब डॉलर है और यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुद्रास्फीति के बारे में गर्ग ने कहा है कि यह काफी हद तक रिजर्व बैंक के लक्ष्य चार प्रतिशत के दायरे में है। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर पर 2.48 प्रतिशत पर आ गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में चार महीने के निचले स्तर पर 4.44 प्रतिशत पर रही है। रिजर्व बैंक ने फरवरी में मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था।
आपको बता दें कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा करते समय खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है।


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