बुलेट ट्रेन का 80% काम पूरा, हर 20 मिनट में चलेगी ट्रेन!

बुलेट ट्रेन को लेकर काम तेजी से जारी है। जापान और भारत की साझा परियोजना में 2022 तक अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन चलाने का दावा किया जा रहा है। वहीं अब इस परियोजना से जुड़ी पहली प्रगति रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बुलेट ट्रेन परियोजना की डिजाइन, पुलों और सुरंगों की डिजायन का निर्माण का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

2022 तक काम पूरा होने की उम्मीद

2022 तक काम पूरा होने की उम्मीद

बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एक वरिष्ठ बुलेट ट्रेन के रास्ते में आनेवाले पुलों और सुरंगों की डिजाइनिंग के काम की अच्छी प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था जिसके 2022 तक पूरा होने का अनुमान है।

पुलों-सुरंगो की डिजायनिंग का काम 80% तक पूरा

पुलों-सुरंगो की डिजायनिंग का काम 80% तक पूरा

समाचार पोर्टल नवभारत टाइम्स ने एजेंसी के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में लिखा है कि, बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम कर रहे दिल्ली, मुंबई और जापान के इंजिनियरों ने पुलों, सेतुओं और सुरंगों की करीब-करीब 80 प्रतिशत डिजाइनिंग पूरी कर दी है। प्रस्तावित रेल कॉरिडोर मुंबई में बांद्रा-कुर्ला (बीकेसी) से शुरू होकर अहमदाबाद के साबरमति रेलवे स्टेशन पर खत्म होगा। खरे ने बताया कि रूट का सर्वे और मिट्टी की जांच का काम चल रहा है। साथ ही, दोनों राज्यों में भूमि अधिग्रहण का प्राथमिक कार्य शुरू हो चुका है।

किसानों-भूमि मालिकों को मिलेगा उचित मुआवजा

किसानों-भूमि मालिकों को मिलेगा उचित मुआवजा

पोर्टल ने आगे लिखा है कि, बुलेट ट्रेन का रुट महाराष्ट्र के 108 गांवों से गुजरेगा। इनमें ज्यादातर गांव पालगढ़ जिले में आते हैं। हमने 17 गावों में जमीन अधिग्रहण के नोटिस जारी कर दिए और जमीन मालिकों को इसकी जानकारी दे दी है।' अधिकारियों के मुताबिक जो भी जमीन देंगे उन्हें बाजार दर से ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। जो नहीं देंगे, उनकी जमीन लैंड ऐक्विजिशन, रीहैबिलेशन ऐंड रीसेटलमेंट ऐक्ट, 2013 की धारा 19 के तहत अधिगृहित की जाएगी।' उन्होंने कहा कि एनएचएसआरसी ने इस उद्देश्य के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

320 किमी की स्पीड से चलेगी ट्रेन

320 किमी की स्पीड से चलेगी ट्रेन

परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि, ट्रेन 320 सेकेंड में 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेगी और इस समय तक यह 18 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी होगी। व्यस्त घंटों में तीन ट्रेन और कम व्यस्त घंटों में दो ट्रेन चलाने की योजना होगी। कुछ ट्रेनें सीमित स्टेशनों पर रुकेंगी जबकि कुछ ट्रेनें मुंबई और साबरमती के बीच सभी स्टेशनों पर रुकेंगी। अनुमान के मुताबिक एक दिन में कुल 70 फेरे लगेंगे और प्रति दिन 40,000 यात्री यात्रा करेंगे।

कितना होगा बुलेट ट्रेन का किराया

कितना होगा बुलेट ट्रेन का किराया

खबरों के मुताबिक बुलेट ट्रेन का किराया 2500 रुपए तक हो सकता है। अभी दिल्ली से अहमदाबाद का राजधानी एक्सप्रेस का किराया फर्स्ट एसी के लिए 3695 रुपए है, जबकि सेकेंड एसी के लिए ये किराया 2260 रुपए है, इसमें डायनमिक फेयर नहीं जोड़ा गया है। ये मान सकते हैं कि बुलेट ट्रेन का एक्जीक्यूटिव किराया 4 हजार रुपए और इकोनॉमी क्लास का किराया 2500 से 3300 रुपए के बीच हो सकता है। हालांकि मीडिया सूत्र इसका किराया 2500 रुपए तक बता रहे हैं।

बनाने में लागत

बनाने में लागत

बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करने के लिए 5 साल का लक्ष्य रखा गया है। इसका मतलब ये कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए पैसा और श्रम पानी की तरह बहाना पड़ेगा। परियोजना की लागत 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए है जिसमें जापान 88 हजार करोड़ रुपए की मदद दे रहा है।

किन स्टेशनों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन

किन स्टेशनों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन

इस योजना के लिए 12 स्टेशनों का नाम प्रस्तावित है, जिनमें, बांद्रा कुर्ला, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोर, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती हैं। साबरमती रेलवे स्टेशन से बांद्रा- कुर्ला कॉम्पलेक्स मुंबई के बीच 508 किलोमीटर की दूरी 2 घंटा 58 मिनट में तय होगी।

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