एयर इंडिया के लिए यह अच्छी खबर है कि उसे खरीदने वालों की संख्या अब एक नहीं बल्कि कई कंपनियां हैं। जी हां अब एक से ज्यादा कंपनियां एयर इंडिया को खरीद सकती हैं। सीएनबीसी-आवाज की रिर्पोट के अनुसार नीलामी के नियमों को यानि कि एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट में इसकी शर्तों को जोड़ा जा सकता है।

रिर्पोट्स के अनुसार एयर इंडिया में हिस्सा खरीदने वाले कंसोर्शियल में एक कंपनी का हिस्सा 51 प्रतिशत होना जरुरी है, जबकि बाकी निवेशकों ही हिस्सेदारी कम से कम 20 प्रतिशत होना चाहिए। एयर इंडिया में सरकार 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी और हिस्सा बेचने के बाद सरकार की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
विदेशी कंपनियां भी एयर इंडिया की नीलामी में हिस्सा ले सकती हैं। साथ ही कर्ज में डूबी एयरलाइंस भी एयर इंडिया के लिए बोली लगा सकती है और निगेटिव नेटवर्थ वाली कंपनियां भी हिस्सा ले पाएंगी।


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