सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई आवेदन और जानकारी के लिए शुल्क की दरें तय कर दी हैं। अब आरटीआई आवेदन के लिए अधिकतम 50 रुपए का शुल्क देना होगा जबकि जानकारी मांगने के लिए प्रति पेज 5 रुपए फोटोकॉपी का चार्ज देना होगा।
RTI कार्यकर्ताओं को राहत
इस निर्णय से जहां आरटीआई कार्यकर्ताओं को राहत मिली है वहीं उन्हे जानकारी की फोटो कॉपी के लिए अब ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि 'सूचना का अधिकार अधिनियम' के तहत दिए जाने वाले आवेदनों के लिए अधिकतम शुल्क 50 रुपये होगा और फोटोकॉपी शुल्क पांच रुपये प्रति पेज होगा।
कहां-कहां लागू होगा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट का आदेश उच्च न्यायालयों, विधानसभाओं और अन्य सरकारी और आरटीआई अधिनियम के दायरे में आने वाली सभी स्वायत्त संस्थाओं पर लागू होगा। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ विभिन्न उच्च न्यायालयों और छत्तीसगढ़ विधानसभा सहित अन्य प्राधिकरणों के आरटीआई नियमों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। इन सभी प्राधिकरणों ने आरटीआई आवेदन तथा फोटोकॉपी के लिए भारी-भरकम शुल्क लागू कर रखे हैं।
याचिका पर दिया फैसला
खबरों के मुताबिक एक गैर सरकारी संगठन 'कॉमन कॉज' ने न्यायालय में याचिका दायर की थी कि आरटीआई आवेदन के लिए ज्यादा शुल्क लेकर जनता को इस सेवा के लिए हतोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उन्हें जानकारी न मिल सके।
जानकारी हुई महंगी
अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि साल 2011 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने आरटीआई आवेदन का शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया था तथा दिसंबर 2016 में इसे घटाकर 300 रुपये कर दिया। केंद्र सरकार के नियमानुसार आरटीआई आवेदन का शुल्क 10 रुपये है और दस्तावेजों की फोटोकॉपी का शुल्क दो रुपये थी जो अब बढ़कर क्रमश: 50 रुपए और 5 रुपए हो गई है।


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