प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर हाल ही में हुए एक सर्वे की रिपोर्ट विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा सकती है। सर्वे रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल लंबा चलने की उम्मीद की गई है। हाल ही में हमने देखा कि चीन में शी जिनपिंग का कार्यकाल जीवन पर्यंत बढ़ा दिया गया है वहीं रुस में भी ब्लादिमीर पुतिन को एक बार फिर सत्ता मिल गई है और उनके 2024 के बाद भी राष्ट्रपति बने रहने की संभावना जताई जा रही हैं। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी सत्ता की चाभी नरेंद्र मोदी के ही पास रहेगी और उनका कार्यकाल 2029 तक जारी रह सकता है।
2029 तक मोदी सरकार!
हाल ही में हुए लोक सभा उप चुनावों के परिणाम सत्तासीन बीजेपी के पक्ष में नहीं आए जिससे विपक्षी दलों का आत्म विश्वास बढ़ गया और उन्हें एक झटके में ऐसा लगा कि उन्होंने मोदी और बीजेपी को हराने का फार्मूला खोज लिया है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस समेत तमाम दल एक जुट होकर मोदी और बीजेपी के खिलाफ 2019 में चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। विपक्षी दलों को इस बात का भरोसा है कि उनके एक साथ आ जाने से बीजेपी को सत्ता से बाहर किया जा सकता है। वहीं ब्लूमबर्ग की एक सर्वे रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी अगले 10 साल तक यानि कि साल 2029 तक लगातार सत्ता में बने रह सकते हैं। उन्हें सत्ता से हटाने का सपना देखना अभी बेमानी ही साबित हो सकता है।
वैश्विक मुद्दों पर पीएम मोदी की राय महत्वपूर्ण
ब्लूमबर्ग की ये रिपोर्ट तमाम मुद्दों को लेकर बनाई गई है, जिसमें ग्लोबल वार्मिंग, ट्रेड वॉर से लड़ने की क्षमता, गरीबी को खत्म करने, स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार करने जैसे मुद्दों पर आधारित थे। ब्लूमवर्ग मीडिया समूह ने 16 देशों के नेताओं का आंकलन किया और अपनी रिपोर्ट में पाया कि भारत में मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ बहुत ही ऊंचा है। मोदी का प्रशंसन एक 10 साल का बच्चा भी है और 90 साल का बुजुर्ग भी उनका प्रशंसक है।
मोदी की लोकप्रियता का मुकाबला नहीं
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में ये साफ कहा गया है कि, भारत में अभी ऐसा कोई दल या नेता नहीं है जो मोदी की लोकप्रियता का मुकाबला कर सके। रिपोर्ट में मोदी के 2019 ही नहीं बल्कि 2029 तक पीएम बने रहने की संभावना जताई है।
शुरु किए कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने सत्ता में आते ही तमाम ऐसे प्रोजक्ट शुरु किए थे जिनके दूरगामी परिणाम आने की प्रबल संभावनाएं हैं। इसमें जन-धन खाता, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, सभी को आवास उपलब्ध कराने के लिए पीएम आवास योजना, गरीब लोगों के लिए सुरक्षा बीमा योजना, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुद्रा योजना जैसी तमाम योजनाएं शुरु की गई हैं। जाहिर है ऐसी योजनाओं का परिणाम एक लंबा वक्त बीतने के बाद ही दिखता है।
अर्थव्यवस्था पर नरेंद्र मोदी का प्रभाव
बात करें अर्थव्यवस्था पर नरेंद्र मोदी के प्रभाव की तो ये साफ है कि देश की इकोनॉमी को सुधारने के लिए मोदी सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में तमाम कड़े कदम उठाएं हैं। इसमें नोटबंदी और जीएसटी दो बड़े और अहम कदम हैं जिनके दूरगामी परिणाम होंगे। मोदी सरकार ने विदेशों में काला धन जमा करने वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए स्विटजरलैंड की सरकार से समझौता भी किया है जिसमें स्विस सरकार स्विस बैंको भारतीयों द्वारा जमा किए धन की जानकारी देगी साथ ही उनके नाम भी बताएगी।
अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी बने रहेंगे पद पर
पीएम मोदी के अलावा रिपोर्ट में उत्तर कोरिया के तानाशाह किंग किम जोंग, सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को भी कहा गया है कि ये भी अपने देश की सत्ता लंबे वक्त तक संभाल सकते हैं, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में रिपोर्ट कहती है कि ये जनता के बीच खासे लोकप्रिय नहीं है इसलिए हो सकता है कि ये उनका पहला और आखिरी कार्यकाल हो, संभव है कि वो अपना कार्यकाल भी पूरा ना कर पाए।
पुतिन, शिंजो आबे पर भी नजर
जबकि रूस में राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज करने वाले व्लादिमिर पुतिन को 2024 में पद त्यागना पड़ सकता है। जबकि नेतन्याहू के बारे में रिपोर्ट कहती है कि उनका नाम घोटलों में शामिल है। अगर वे इसमें दोषी पाए गए तो उनकी सत्ता हाथ से जा सकती है। जबकि ब्लूमबर्ग मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के पीएम शिंजो आबे भी कई आरोपों के घेरे में हैं, ऐसे में उनकी सत्ता में वापसी मुश्किल दिख रही है


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