12 मार्च, 2018 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुल मैक्रोन ने उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े 75 मेगावाट (101 मेगावाट डीसी) क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। मिर्जापुर जिले के विजयपुर ग्राम में लगभग 528 करोड़ रु. की लागत से स्थापित इस संयंत्र से प्रति वर्ष 13 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस संयंत्र की स्थापना फ्रांस की कंपनी ईएनजीआईई (ENGIE) ने पारदर्शी नीलामी के द्वारा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सौर पार्क योजना के अंतर्गत की है। मैसर्स ईएनजीआईई (ENGIE) इस परियोजना से उत्पादित बिजली को 4.43 रु. प्रति यूनिट की दर पर 25 वर्षों के लिए प्रदान करेगा। भारत सरकार की ओर से इस परियोजना को 74.25 लाख रु. प्रति मेगावाट की दर से व्यवहार्यता अंतराल वित्तपोषण (वीजीएफ) प्रदान की गई है।
2014 में 4 सौर ऊर्जा पार्कों की मिली थी अनुमति
मंत्रालय ने दिसम्बर, 2014 में उत्तर प्रदेश में 440 मेगावाट की क्षमता के 4 सौर ऊर्जा पार्कों की स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान की थी। ये सौर पार्क लखनऊ सोलर पार्क डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (LSPDC), जो भारत सरकार के नियंत्रणाधीन उपक्रम भारतीय सौर ऊर्जा निगम लि. (SECI) और वैकल्पिक ऊर्जा संस्थान (NEDA), उत्तर प्रदेश का संयुक्त उपक्रम है, के अधीन स्थापित किए जा रहे हैं।
इलाहाबाद में 50 मेगावाट का है प्लांट
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में 50 मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र पहले ही स्थापित किया जा चुका है। जालौन जनपद में 40 मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र कमीशनिंग के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के द्वारा उद्घाटन किए गए सौर संयंत्र को मिलाकर उत्तर प्रदेश में कुल 165 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। शेष 275 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों के लिए निविदाएं (टेंडर) 2 अप्रैल, 2018 को खोली जाएंगी।
पूरे विश्व को एक साथ लाने का प्रयास
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विश्व स्तर पर सौर ऊर्जा के उपयोग द्वारा सबके लिए वहनीय दरों पर ऊर्जा सुलभता से उपलब्ध कराने के लिए विश्व को एक साथ लाने का सपना है। आईएसए भारत में स्थापित संधि आधारित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन है। इसका मुख्यालय भारत में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (नाइस), ग्वालपहाड़ी, गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थित है।
2022 तक 1 लाख मेगावाट सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने का प्रयास
भारत ने वर्ष 2022 तक 1 लाख मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की प्रगति को देखते हुए इस लक्ष्य को पहले ही प्राप्त कर लिया जाएगा। श्री कुमार ने सौर ऊर्जा को ऊर्जा संप्रभुता प्राप्त करने के लिए आवश्यक बताया और कहा कि भारत सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
More From GoodReturns

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications