देश की आर्थिक राजधानी से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट का काम शुरू होने के बाद मुंबई के लोगों को इससे भी दोगुने स्पीड से दौड़ने वाले हाइपरलूप का तोहफा मिलने जा रहा है। मुंबई-पुणे को हाइपरलूप से जोड़ने के लिए अमेरिकी कंपनी वर्जिन ग्रुप ने महाराष्ट्र सरकार के साथ इंटेंट अग्रीमेंट साइन करने की घोषणा की है। बता दें, कंपनी का दावा है कि इस तकनीक से 1000 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से सफर किया जा सकता है और मुंबई-पुणे के बीच सफर महज 13 मिनट में पूरा हो जाएगा।
वर्जिन ग्रुप के साथ हुआ करार
समाचार पोर्टल नवभारत टाइम्स ने एजेंसी के हवाले से लिखा है कि, मैग्नेटिक महाराष्ट्रा इंन्वेस्टर समिट के दौरान रविवार को वर्जिन ग्रुप के चेरयमैन रिचर्ड ब्रैनसन ने कहा, 'मुंबई-पुणे के बीच वर्जिन हाइपलूप तैयार करने के लिए हमने महाराष्ट्र सरकार के साथ एक अग्रीमेंट साइन किया है और इसकी शुरुआत एक ऑपरेशनल डेमंस्ट्रेशन ट्रैक के साथ हुई है।' बताया जा रहा है कि इसमें हर साल 15 करोड़ यात्री सफर कर पाएंगे। नवंबर 2017 में महाराष्ट्र सरकार ने इस रूट पर सर्वे के लिए कंपनी के साथ करार किया था।
हाइपरलूप प्रोजेक्ट दुनिया को बदल देगा: रिचर्ड
रिचर्ड ने कहा, 'प्रस्तावित हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम यातायात की दुनिया को बदल देगा और यह मुंबई को दुनिया में अग्रणी बनाएगा। इस प्रॉजेक्ट का आर्थिक समाजिक लाभ 55 अरब डॉलर है।' उन्होंने दवा किया कि इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रॉजेक्ट की कीमत और टाइमलाइन डीटेल की अभी प्रतीक्षा है।
क्या है हाइपरलूप ?
हाइपरलूप एक चुंबकीय शक्ति पर आधारित तकनीक है। इसमें खंभो के ऊपर एक पाइप में एलिवेटेड ट्यूब बिछाई जाती है। इस ट्यूब के अंदर एक टैक्सी होती है जो लोगों के बैठने के बाद पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसके बाद ये टैक्सी इस ट्यूब में बड़ी ही तेजी के साथ आगे बढ़ती है। चूंकि ट्यूब में होने के कारण टैक्सी पर हवा का घर्षण बेहद कम होता है इसलिए इसकी स्पीड काफी तेज होती है। इसमें बिजली का खर्च आता है जो कि बेहद कम है जबकि इससे प्रदूषण बिल्कुल भी नहीं होता है।
बुलेट ट्रेन से तीन गुना तेज
हाइपरलूप की स्पीड बुलेट ट्रेन से तीन गुना से भी ज्यादा तेज है। प्राथमिक परीक्षणों में इसकी स्पीड 1100-1200 किलोमीटर प्रतिघंटे मापी गई है। इसका परीक्षण अमेरिका में हुआ है अभी भारत में इसका परीक्षण होना बाकी है। अगर हाइपरलूप से आपको लखनऊ से दिल्ली जाना होगा तो सिर्फ 1 घंटे लगेंगे, जबकि हैदराबाद से दिल्ली जाने में 2 से 2.30 घंटे तक लगेंगे।
बुलेट ट्रेन के मुकाबले बजट बेहद कम
बात करें अगर बजट की तो हाइपरलूप का बजट भी बुलेट ट्रेन के मुकाबले बेहद कम है। इस प्रोजेक्ट की लागत 1300 से 1600 करोड़ रुपए के बीच आ सकती है। यह अनुमानित आंकड़ा है। जबकि बुलेट ट्रेन के लिए पहले ही 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट रख गया है। इस लिहाज से ये प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन के मुकाबले करीब 95 फीसदी तक सस्ता है।
आंध्रप्रदेश में भी चल रहा है काम
इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने विजयवाड़ा और अमरावती शहरों को हाइपरलूप से जोड़ने के लिए अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नॉलजीज (एचटीटी) समझौता किया था। दोनों शहरों के बीच की एक घंटे की यात्रा घटकर केवल 5-6 मिनट की रह जाएगी। इस समय सयुंक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, फिनलैंड और नीदर लैंड में भी हाइपरलूप पर काम हो रहा है।
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