सुनने में थोड़ अटपटा सा लग रहा होगा लेकिन ये खबर बिल्कुल सच है। इसमें कोई हेरफेर या फिर गुमराह करने वाली जैसी बातें नहीं हैं। भारत का ये गांव अरुणाचल प्रदेश के तवांह जिले में है जिसका नाम बोमजा है। यहां रहने वाले सभी 'परिवार' करोड़पति हैं।
पूरी दुनिया में गांव की अमीरी की चर्चा
बोमजा गांव अपनी इस खासियत के कारण एशिया का सबसे अमीर गांव बन गया है। इस अमीर गांव की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। इस गांव के लोग करोड़पति क्यों बने और कैसे चर्चा में आया ये गांव इसके बारे में हम आपको आगे बता रहे हैं।
सेना के कारण गांव बना करोड़पति
दलअसल इस गांव के सभी परिवार भारतीय सेना के कारण करोड़पति बने हैं। हुआ यूं कि भारतीय फौज को तवांग में अपनी एक और यूनिट के लिए जमीन चाहिए थी। पर्वतीय स्थल पर यूनिट तैनात करना कठिन था इसलिए इस गांव को चुना गया।
हर परिवार बना करोड़पति
गांव के लोगों ने आर्मी का पूरा सहयोग किया और इसके बदले में रक्षा मंत्रालय की तरफ से हर परिवार को जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम अदा की गई। सभी परिवारों को चेक के माध्यम से सेना और मुख्यमंत्री पेमाखांडू की मौजूदगी में रकम अदा की गई।
सीएम खांडू ने किया ट्वीट
इस मुआवजे के बाद अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू ने ट्वीट करते हुए वितरित की गई रकम का पूरा आंकड़ा और ब्यौरा पेश किया। जिसमें उन्होंने बताया कि बोमजा गांव के 31 जमीन धारकों में 40 करोड़ 80 लाख 38 हजार 400 रुपए बतौर मुआवजा दिया गया है।
भारत का सबसे आमीर गांव
इसके बाद सीएम नए एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि, 'बोमजा गांव में सिर्फ 31 जमीनधारक (लैंड ओनर्स) हैं, अब ये भारत का सबसे आमीर गांव बन गया है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण जी का इसके लिए धन्यवाद।'
31 परिवारों को 40.8 करोड़ रुपए का मुआवजा
रक्षा मंत्रालय ने 200.56 एकड़ जमीन के लिए कुल 31 परिवारों को 40.8 करोड़ रुपए के मुआवजे का चेक सौंपा है। इसमें 29 परिवारों को 1.4 करोड़ रुपए और अन्य एक परिवार को 2.4 करोड़ रुपए की रकम और बाकी बचे एक परिवार को 6.7 करोड़ रुपए की रकम बतौर मुआवजा सौंपी गई है। अरुणचल के सीएम पेमा खांडू ने खुल लोगों को एक समारोह में ये चेक वितरित किया।


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