जनवरी में देश के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई है। सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (PMI) जनवरी महीने में 51.7 पर रहा है। यह सोमवार को निक्केई की ओर से जारी की गई जानकारी में बताया गया है। दिसंबर महीने के दौरान सर्विस पीएमआई में मामूली बढ़त दर्ज की गई थी। दिसंबर 2017 में यह 50.9 के स्तर पर था। वहीं नवंबर महीने में सर्विस पीएमआई 48.5 के स्तर पर था।

पीएमआई में 50 से ज्यादा का स्तर अर्थव्यवस्था में विस्तार और 50 से नीचे का स्तर अर्थव्यवस्था में संकुचन की स्थिति को दर्शाता है। जनवरी में भारत सेवा अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। यह स्तर जून 2017 के बाद से सबसे मजबूत है। साथ ही इसके मांग में सुधार देखने को मिला है।
भारतीय सेवा प्रदाताओं ने जनवरी महीने में लगातार पांचवें महीने पिछले लंबित कार्यों और नए कारोबारी ऑडर्स से मद्देनजर कार्यबल में विस्तार किया है। इसके अलावा सितंबर महीने से रोजगार सृजन की दर सबसे ज्यादा रही है।
तो वहीं विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर जनवरी में तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसके मुख्य कारण कारखानों का उत्पादन, नए ऑर्डर और रोजगार वृद्धि का धीमा रहना माना जा रहा है। निक्केइ इंडिया का विनिर्माण PMI जनवरी में कमजोर होकर 52.4 पर पहुंच गया जबकि दिसंबर महीने में यह 60 महीने के उच्च स्तर यानी 54.7 पर रहा।


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