निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त वर्ष 2018 में ब्याज सब्सिडी योजना का आवंटन बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपए कर दिया है। योजना के तहत श्रम आधारित निर्यात क्षेत्र को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराया जाता है। वित्त वर्ष 2017-18 में इस योजना के लिए आवंटन 2,000 करोड़ रुपए था, जबकि इससे पहले यह 1,100 करोड़ रुपए था।

निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो ने कहा है कि ब्याज सब्सिडी योजना के तहत आवंटन बढ़ने से निर्यात क्षेत्र को फायदा होगा। फियो अध्यक्ष गणेश गुप्ता के अनुसार सरकारी शुल्क वापसी के लिए चालू वित्त वर्ष का आवंटन 1,555 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,855 करोड़ रुपए और अगले वित्त वर्ष के लिए 2,164 करोड़ रुपए किया गया है। इससे पिछले बकाए के निपटान में मदद मिलेगी।
इसके अलावा निर्यात योजनाओं के लिए टीआईईएस के तहत 80 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। कुल मिलाकर अगले वित्त वर्ष में सभी निर्यात संवर्द्धन योजनाओं के लिए आवंटर बढ़ाकर 3,551 करोड़ रुपए किया गया है।
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