देश की राजधानी दिल्ली में नए मास्टर प्लान के तहत की जा रही सीलिंग से लोगों और खासकर कि व्यापारी वर्ग में भारी नाराजगी है। सीलिंग के विरोध में दिल्ली की 7 लाख से ज्यादा दुकानें 48 घंटे के लिए बंद रहेंगी। सीलिंग के विरोध में दुकाने बंद रहने से दिल्ली को अरबो रुपए का नुकसान होने की आशंका है। उप राज्यपाल अनिल बैजल इस मामले पर आला अधिकारियों के साथ मीटिंग करके बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
48 घंटे तक दिल्ली बंद
48 घंटे बंद का एलान करने के बाद दिल्ली में शुक्रवार को ज्यादातर दुकानें बंद रही, सीलिंग के खिलाफ 3 और 4 फरवरी को अलग-अलग संगठनों ने बंद का अह्वान किया है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी
सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों के बंद को अब सत्ता रुढ़ आम आदमी पार्टी के बाद बीजेपी का भी समर्थन मिल चुका है। बंद के दौरान दिल्ली के ढाई हजार बाजार बंद रहेंगे और सात लाख दुकानों पर ताला लगा रहेगा। कारोबारियों ने सीलिंग के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि अगर जल्द से जल्द इसका कोई हल नहीं निकाला गया तो वह अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
मास्टर प्लान से नाराज हैं व्यापारी
दरअसल सीलिंग को लेकर मास्टर प्लान 2021 बनाया गया है जिससे कारोबारी नाराज हैं। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश के बाद दिल्ली में तेजी से सीलिंग का काम चल रहा है। इसकी चपेट में सरकारी ऑफिस से लेकर प्राइवेट संस्थान और छोटे व्यापारियों की दुकाने तक हैं।
देरी से आया दिल्ली का मास्टर प्लान
दिल्ली का मास्टर प्लान 2001 में आना चाहिए था लेकिन ये 2007 में आया। इस प्लान में हर 5 साल के बाद इसकी समीक्षा की जाती है। अब जब प्लान ही देरी से आया तो इसकी समीक्षा भी देरी से ही हुई। 2012 में जनता से इस प्लान के बारे में सुझाव मांगा गया, जिसके लिए अलग से मैनेजमेंट एक्शन कमेटी बनाई गई थी। कमेटी के सुझावों के बाद से इसकी व्यवहारिकता तय की गई और इसका पूरा विश्लेषण किया गया जिसके बाद इसे डीडीए बोर्ड ने पास कर दिया। डीडीए के इस मास्टर प्लान का लक्ष्य दिल्ली को एक विश्वस्तरीय शहर के तौर पर स्थापित करना है, जिसमें शहरवासियों की सुख सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है।
रियल एस्टेट पर होगा बड़ा असर
समाचार पोर्टल दैनिक जागरण ने दिल्ली के मास्टर प्लान के बारे में लिखा है कि, दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के प्रमुख प्रावधानों राजधानी में भविष्य के रियल एस्टेट विकास पर एक बड़ा असर होगा। इस मास्टरप्लान में 18 ऐसे क्षेत्रों को फोकस किया गया है जो दिल्ली को वर्ल्डक्लास सिटी बनाने में सहायक साबित होंगे।
मास्टर प्लान में है सबकुछ
मास्टरप्लान में सभी चीजों को बाकायदा वर्गीकृत किया गया है। इनमें भू-नीति, सार्वजनिक भागीदारी और योजना के कार्यान्वयन, पुनर्विकास, आश्रय, गरीबों के लिए आवास, पर्यावरण, अनधिकृत कॉलोनियों, मिश्रित उपयोग विकास, व्यापार और वाणिज्य, अनौपचारिक क्षेत्र, उद्योग, विरासत का संरक्षण, परिवहन, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, खेल सुविधाओं के लिए प्रावधान और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।


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