अगर आप भारतीय स्टेट बैंक से लोन लेने की सोच रहे हैं तो थोड़ा संभल जाइए। इसकी वजह है बैंक डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर दिया है। इसलिए आप एसबीआई से अब सस्ते कर्ज की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। बैंक ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि वह लेंडिंग कारोबार में कॉम्पिटिशन बढ़ाने की तैयारी में लगा हुआ है। मंगलवार को एसबीआई ने बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 0.50 से 1.40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की घोषणा की है।
बढ़ गया एसबीआई का डिपॉजिट रेट
रेटिंग एजेंसी इकरा ने मंगलवार को जारी रिर्पोट में कहा है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.02 लाख करोड़ रुपए की राशि बतौर कर्ज बांटी गई है। इसी अवधि में बैंकों में जमा राशि के तौर पर 1.27 लाख करोड़ रुपए आए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बैंकों को कर्ज बांटने के लिए ज्यादा से ज्यादा राशि जनता से जुटानी होगी। यह काम डिपॉटिज रेट बढ़ाकर ही संभव होगा।
1 करोड़ से अधिक की राशि बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में
इकरा के अनुसार बीते एक साल में बैंक की जमा दरों में 2.40 प्रतिशत की औसतन कटौती हो चुकी है। इसलिए अब इसमें बढ़ोत्तरी होनी तय है। इकरा की इस बात को एसबीआई की घोषणा से पुख्ता आधार भी मिल गया है। एसबीआई ने फिलहाल बल्क डिपॉजिट पर जमा दरें बढ़ाकर इसकी शुरुआत की है। 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की सावधि जमा को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है।
ब्याज दरों में 4.85-6.25 की बढ़ोत्तरी
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 46 से 210 दिनों तक के लिए बल्क जमाओं पर देय ब्याज दरों को 4.85 प्रतिशत सालाना से बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है। एक वर्ष की अवधि की बल्क जमाओं पर ब्याज दरों को भी एक प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत किया गया है। बैंक ने बुजुर्गों को भी आकार्षित करने की कोशिश की है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वर्ष से 455 दिनों तक की जमा योजनाओं पर ब्याज दर 5.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.75 प्रतिशत किया गया है।
आर्थिक सर्वे में भी दिया गया था संकेत
जमा योजनाओं पर ब्याज दर बढ़ाने को कर्ज महंगा करने के पहले कदम के तौर पर देखा जाता है। सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के बाद सुब्रमण्यन ने भी महंगे कर्ज का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ विकास दर भी स्पीड पकड़ रही है। ऐसे में रिजर्व बैंक के पास आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती करने का विकल्प नहीं रहेगा। आपको बता दें कि RBI सात फरवरी को मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश करने वाला है।


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