राष्ट्रपति के द्वारा बजट की एक तारीख फिक्स की जाती है और फिक्स तारीख को ही बजट पेश किया जाता है। वित्त मंत्री का बजट भाषण सामान्यतः दो भागों में होता है पार्ट ए देश के सामान्य आर्थिक सर्वेक्षण के साथ सौदों पर जबकि भाग बी कराधान प्रस्ताव से संबंधित होता है। वित्त मंत्री आम तौर पर फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर संसद में वार्षिक केंद्रीय बजट प्रस्तुत करतें हैं लेकिन इस बार 1 फरवरी को ही प्रस्तुत किया जाएगा।
बजट के बारे में
बजट सरकार की वित्तीय स्थिति का सबसे व्यापक लेखा है, जिसमें सभी स्रोतों से राजस्व और किए गए सभी गतिविधियों का खर्च एकत्रित किया जाता है। इसमें राजस्व बजट और पूंजी बजट शामिल हैं। इसमें अगले वित्तीय वर्ष के बजट के अनुमान भी शामिल होते हैं। केंद्रीय बजट की घोषणा में वित्त मंत्रालय, योजना आयोग, प्रशासनिक मंत्रालय और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक मुख्य रुप से शामिल होते हैं।
पहला भारतीय बजट
भारत में बजट सबसे पहले 7 अप्रैल, 1860 को ईस्ट-इंडिया कंपनी से ब्रिटिश क्राउन तक पेश किया गया था। पहला भारतीय बजट 18 फरवरी 1869 को जेम्स विल्सन द्वारा प्रस्तुत किया गया था। विल्सन भारत परिषद के वित्तीय सदस्य थे जिन्होंने भारतीय वायसराय को सलाह दी थी। वह स्कॉटिश व्यापारी, अर्थशास्त्री और लिबरल राजनीतिज्ञ थे उन्होंने द इकोनॉमिस्ट और स्टैन्डर्ड चार्टेर्ड बैंक की स्थापना की।
पहले वित्त मंत्री आरके शन्मुकम चेट्टी
पहले फाइनेंस मिनिस्टर का पद सर आरके शन्मुकम चेट्टी, उद्योगपति, कोचीन राज्य के पूर्व दिवान और प्रधान मंडल के संवैधानिक सलाहकार के पास गया। वह ब्रिटिश समर्थक न्याय दल के सदस्य थे। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को श्री चेट्टी ने विभाजन और दंगों की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत किया था। तब से भारत में 80 बजट हुए हैं।
भारत गणराज्य का पहला बजट
चेट्टी का नेतृत्व जॉन मथाई ने किया था। 1949-50 में मथाई ने सबसे सुस्पष्ट बजट भाषण दिया तब उन्होंने मुद्रास्फीति और आर्थिक नीति पर एक छोटा व्याख्यान दिया यह वास्तव में एकजुट भारत के लिए पहला बजट था।
बजट का विदेश से संबंध
बजट में विदेशी संबंधों को लेकर कोई चर्चा नहीं होती, फिर भी 1950 के दशक के बजट में भारत का झुकाव रशिया की ओर देखा गया था। नए राष्ट्र की सहायता के लिए विदेशी सहायता का प्रवाह राजस्व का एक प्रमुख स्रोत था।
More From GoodReturns

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis



Click it and Unblock the Notifications