नोटबंदी के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जब लोगों के खातों में अचानक से पैसों की बाढ़ सी आ गई। लोग हेर-फेर करके अपने पैसों को दूसरों के खातों में जमा करने लगे थे। ऐसे तमाम लेन-देन पर सरकार की नजर थी और अब सरकार उन्हें छोड़ने के मूड में नहीं है। सरकार ने ऐसे 2 लाख लोगों को चिह्नित किया है जिनके खातो में नोटबंदी के दौरान 20 लाख रुपए से ज्यादा रकम जमा की गई थी। ऐसे खाताधारकों को नोटिस भेज दिया गया है।
2 लाख लोगों को भेजा नोटिस
सरकार ने जिन 2 लाख लोगों को नोटिस भेजा है उन्होंने ना तो सरकार और ना ही टैक्स विभाग को किसी तरह की जानकारी दी है और रिटर्न भी दाखिल नहीं किया है। समाचार पोर्टल इकोनॉमिक टाइम्स ने एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी के हवाले से ये खबर प्रकाशित की है जिसमें अधिकारी ने कहा कि, हमने उन्हें पर्याप्त समय दिया और सालाना रिटर्न्स में जमा धन की जानकारी की प्रतीक्षा की, लेकिन उन्होंने हमारी बार-बार की अपील को नजरअंदाज कर दिया। ऐसे में हमारे पास उन्हें रिटर्न्स फाइल करने के नोटिस जारी करने के सिवा कोई चारा नहीं बचा था।'
लगातार आयकर के छापे
आपको बता दें कि साल 2018 में, गड़बड़ी करने वाले टैक्स पेयर्स की जांच और पकड़े जाने वालों पर कार्रवाई करना आयकर विभाग (CBDT) की प्राथिमकता की सूची में है। इसके अलावा सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस देश भर में लगातार छापे मार रहा है ताकि नोटबंदी के दौरान जिन्हों ने पैसों का हेर-फेर किया है वह निश्चिंत होकर ना बैठें।
सीबीडीटी का आदेश, टैक्स चोरों के पीछे पड़ जाएं
खबरों के मुताबिक सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्र ने अपने अधिकारियों को बार-बार कहा है कि वे टैक्स चोरों के पीछे पड़ जाएं क्योंकि सरकार लगातार कह रही है कि ईमानदार करदाताओं को सम्मानित किया जाना जरूरी है। इकोनॉमिक टाइम्स ने इस हवाले से आंकड़े प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, कुल मिलाकर 5 लाख लोगों ने टैक्स डिपार्टमेंट की अपील को कोई प्रतिक्रया नहीं दी। तब जाकर सरकार ने पहले 50 लाख रुपये या इससे ज्यादा मूल्य के पुराने नोट जमा करानेवाली बड़ी मछलियों को पकड़ने का मन बना लिया।
बड़ी 'मछलियों' से निपटने की तैयारी
पोर्टल ने आगे लिखा है कि, 6 नवंबर 2017 को टाइम्स ऑफ इंडिया ने सबसे पहले खबर दी थी कि बड़ी मछलियों से निपटने के बाद सरकार जमा रकम का वेरिफिकेशन नहीं करनेवाली छोटी मछलियों के पीछे पड़ेगी। नोटबंदी के लिए मोदी सरकार की आलोचना होती रही है, खासकर यह कहकर कि 99% पुराने नोट सिस्टम में आ गए। लेकिन, सरकार यह कहकर अपनी पीठ थपथपा रही है कि नोटबंदी के बाद उसे असंख्य आंकड़े उपलब्ध हुए हैं जिसका एक-दो साल में आकलन कर नोटबंदी की योजना को पलीता लगानेवालों को पकड़ा जाएगा।
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