विश्व बैंक की लोकप्रिय ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को और बल मिल गया है। विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री पॉल रोमर ने कहा है कि कारोबार में प्रतिस्पर्धा के बारे में राष्ट्रीय रैंकिंग की नए सिरे से गणना की जाएगी। कम-से-कम चार वर्षों की रैंकिंग की नए सिरे से गणना होगी। दरअसल, कारोबार सुगमता रैंकिंग की विश्वनीयता को लेकर सवाल उठ रहे थे और कहा जा रहा था कि यह पूरी तरह सही नहीं है।
फिर से होगी गणना
समाचार पोर्टल इकोनॉमिक टाइम्स ने न्यूज एजेंसी के हवाले से लिखा है कि, रोमर की इस घोषणा के बाद ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल से साक्षात्कार में रोमर ने यह घोषणा की। यही नहीं रोमर ने चिली से व्यक्तिगत रूप से माफी भी मांगी है। चिली की रैंकिंग 2014 के 34 से फिसलकर 2017 में 57 पर पहुंच गई। रोमर ने कहा, 'मैं चिली से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगता हूं। साथ ही किसी भी अन्य देश से माफी चाहता हूं जहां हमने गलत धारणा बना दी है।'
भारत की रैंकिंग पर पड़ सकता है असर
रोमर की पिछले चार साल की ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग की नए सिरे से गणना की घोषणा का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत की रैंकिंग 2014 के 140 से उछलकर 2018 में 100 पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के साथ जो समस्या है, वह मेरी गलती है क्योंकि हम चीजों को अधिक स्पष्ट नहीं कर पाए।
पुरानी रिपोर्ट को ठीक किया जाएगा
रोमर ने कहा कि विश्व बैंक पुरानी रिपोर्टों को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है और उन्हें नए सिरे से प्रकाशित करेगा। इसमें यह बताया जाएगा कि तरीके में बदलाव के बिना रैंकिंग क्या होती। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, रोमर ने कहा कि वह उस प्रक्रिया की विश्वसनीयता का बचाव नहीं कर सकते जिनकी वजह से गणना का तरीका बदला है। ईओडीबी रैंकिंग की गणना के तरीके में पिछला प्रमुख बदलाव रोमर के पूर्ववर्ती कौशिक बसु के समय हुआ था।
चिली के आरोपों को किया खारिज
रोमर के साक्षात्कार के बाद विश्व बैंक ने एक बयान में कहा है कि वह कारोबार सुगमता रिपोर्ट में चिली के संकेतकों की समीक्षा करेगा। हालांकि, विश्व बैंक के प्रवक्ता डेविड थेइस ने चिली के इन आरोपों को खारिज किया है कि कारोबार सुगमता रैंकिंग के पीछे राजनीतिक प्रभाव है। उन्होंने कहा कि 15 साल के दौरान ईज ऑफ डुइंग इंडेक्स देशों के लिए अपने कारोबारी माहौल में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। इनमें हजारों की संख्या में सुधारों को देखा जाता है। हालांकि, रोमर ने इन सब से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक का स्टाफ लगातार किसी देश की रैंकिंग की गणना के तरीके को बदलता रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें रिपोर्ट की 'ईमानदारी' पर भरोसा नहीं है।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 24 मार्च को सोने की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 24 मार्च को चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 28 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में आया उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 27 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में तेजी! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव



Click it and Unblock the Notifications