बिटक्वाइन समेत तमाम क्रिप्टोकरंसी पर दुनिया रे दिग्गज बिजनेस मैन और तीसरे सबसे अमीर शख्स वॉरेन बफेट ने अपनी राय जाहिर की है। वॉरेन बफेट ने एक टीवी टॉक शो में क्रिप्टोकरंसी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने निवेशकों सलाह देते हुए कहा कि क्रिप्टोकरंसी का बुलबुला कभी भी फूट सकता है और निवेशकों को इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मायाजाल है बिटक्वाइन: बिटक्वाइन
बफेट का मानना है कि बिटकॉइन के मायाजाल का बबल जरूर फूटेगा, निवेशक सचेत रहें। डिजिटल करेंसी लंबे समय तक नहीं टिकेंगी। साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया है कि वो खुद कभी किसी डिजिटल करेंसी में निवेश नहीं करेंगे।
क्रिप्टोकरंसी का अंत बुरा होगा
वॉरेन बफेट ने कहा कि क्रिप्टोकरंसी का अंत बुरा होगा और ये करेंसी लंबे वक्त तक बाजार में नहीं टिकेगी। उन्होंने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि इससे अच्छा है कि वह लॉन्ग टर्म शेयरों में निवेश करें जहां जोखिम की संभावना बहुत कम है।
नहीं करुंगा बिटक्वाइन में निवेश: वॉरेन बफेट
वहीं जब इस टॉक शो में वॉरेन बफेट से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में बिटक्वाइन में निवेश करेंगे, तो उन्होंने इसके जवाब में स्पष्ट तौर पर मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह कभी भी किसी क्रिप्टोकरंसी में निवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा लोगों को निवेशकों को सही निवेश और सही बिजनेस पर ध्यान देना चाहिए ना कि बुल-बुले जैसी निवेश योजना क्रिप्टोकरंसी में।
अमिताभ बच्चन ने किया है बिटक्वाइन में निवेश
आपको बता दें कि भारत में भी तमाम खबरों में महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा बिटक्वाइन में निवेश करने की बात सामने आई थी। खबरों के मुताबिक बिग बी ने बिटकॉइन में निवेश किया है ढाई साल पहले लगभग 1.6 करोड़ रुपए का जो स्टॉक निवेश किया था उसकी वैल्यू अब 110 करोड़ रुपए के आसपास हो चुकी है। 2015 के बीच में अपने बेटे अभिषेक के साथ मिलकर अमिताभ बच्चन ने अपने पर्सनल निवेश के तहत मेरीडियन टेक पीटीई में 1.6 करोड़ रुपए का निवेश किया था। यह सिंगापुर की एक फर्म है जिसकी स्थापना वेंकट श्रीनिवास मीनावल्ली ने की थी।
बिटक्वाइन के खिलाफ भारत सरकार
वहीं भारत सरकार, वित्तमंत्रालय और RBI सभी ने लोगों से बिटक्वाइन में निवेश ना करने की अपील की है। वित्तमंत्रालय ने बिटक्वाइन को मान्यता देने से साफ इंकार कर दिया है। वहीं सरकार ने आरबीआई से भी बात की है ताकि पोंजी स्कीम के आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो सके। हालांकि वित्त मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का कहना है कि बिटकॉइन बेशक कानूनी रूप से वैध नहीं है, लेकिन इसके काले कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान नहीं है, क्योंकि यह वर्चुअल करेंसी है। आरबीआई ने निवेशकों को आगाह किया है कि बिटकॉइन में ट्रेडिंग को मान्यता नहीं दी गई है, ऐसे में वर्चुअल करंसी में ट्रेड करना काफी जोखिम भरा है।


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