नोटबंदी की क्रांति से लोग अभी उभर ही रहे थे कि एक और क्रांति आने को तैयार है। जी हां नोटबंदी के बाद अब सिक्का बंदी की क्रांति दस्तक देने वाली है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि नोएडा, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद के सरकारी टकसालों में सिक्कों का प्रोडक्शन बंद हो गया है। भारत सरकार की ओर से इन चारों जगह पर ही सिक्के बनाए जाते हैं। आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि इसी मंगलवार से सिक्के बनाने का काम बंद हो गया है।
क्या है वजह
इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद काफी संख्या में सिक्के बनाए गए थे। जो कि अभी तक आरबीआई के स्टोर में काफी संख्या में उपलब्ध हैं। रिर्पोट के अनुसार 8 जनवरी तक 2500 MPCS सिक्कों का स्टोरेज है, इसी कारण रिजर्व बैंक के अगले आदेश तक सिक्कों का प्रोडक्शन रोक दिया गया है।
व्यापारियों ने सिक्के लेना कर दिया था बंद
पिछले कुछ समय से देश के कुछ हिस्सों से सिक्कों की बहुतायत की खबरें आ रही थीं। बैंकों के पास सिक्कों की भरमार के चलते यूपी से लेकर बंगाल तक के बैंकों ने व्यापारियों से सिक्कों को वापस लेना बंद कर दिया था। तो वहीं दिसंबर में आरबीआई ने एक आदेश जारी कर बैंकों से सिक्के जमा करने का आदेश दिया था।
8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की हुई थी शुरुआत
आपको याद हो तो मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी का फैसला लागू किया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को गैर-कानूनी करार दिया था। इस फैसले के पीछे केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म करने का तर्क दिया था।
आए नए नोट
1000 और 500 रुपए के पुराने नोट बंद करने के बाद मोदी सरकार की ओर से 2000 और 500 रुपए के नोट भी जारी किए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने नोटबंदी को भारत सरकार का एक विफल फैसला बताया था। नोटबंदी के फैसले से देश में एक साथ करीब 85 प्रतिशत करेंसी रद्द कर दी गई थी।


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