इस समय पूरे मार्केट में निवेशकों के लिए एक चीज ने अपनी धाक जमा रखी है वो है बिटकॉइन। क्या बिटकॉइन एक्सचेंजों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स देने की जरुरत है? यदि हां तो किस दर पर एवं जीएसटी एक्सचेंजों के रेवेन्यू पर लगेगा या ऑपरेटिंग मार्जिन पर?
तय करेगी AAR संस्था
जेबपे, यूनोकॉइन और कॉइनशेयर जैसे बिटकॉइन भारत के सात टॉप एक्सचेंज इन सवालों के स्पष्ट जवाब के लिए एडवांस अथॉरिटी ऑफ रुलिंग से संपर्क करने की तैयारी में हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार AAR एक अर्ध न्यायिक संस्था है, जो यह तय कर सकती है कि टैक्स बनता है या नहीं।
जेबपे, यूनोकॉइन ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
एक बिटकॉइन एक्सचेंज ने पहले ही महाराष्ट्र AAR के सामने आवेदन कर दिया है। टैक्स डिपार्टमेंट अभी इस मुद्दे पर रिजर्व में जुटा है, क्योंकि बिटकॉइन बहुत ही जटिल विषय है। तो वहीं जेबपे, यूनोकॉइन और कॉइनशेयर जैसे बिटकॉइन ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कर रहा है जांच
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दिसंबर में बड़े बिटकॉइन एक्सचेंजों पर सर्च अभियान चलाया। इनडायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट यह देख रहा है कि बिटकॉइन को किस तरह जीएसटी के दायरे में लाया जाए। भारत में काम कर रहे बिटकॉइन एक्सचेंजों की इनडायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट में जांच शुरु की है। यह जांच इसका पता लगाने के लिए हो रही है कि जीएसटी रिजीम के तहत इन पर किस रेट से टैक्स वसूलना चाहिए।
करेंसी और सर्विस के आधार पर हो सकता है फैसला
एक्सचेंजों पर कितना जीएसटी लगेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि बिटकॉइन को करेंसी माना जाता है या सर्विस। यदि बिटकॉइन को करेंसी के रेपु में मान्यता मिलती है तो इस पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा और यदि इसे सामान बताया जाता है तो इस पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा और सर्विस के रुप में मान्यता मिलने पर 12 प्रतिशत टैक्स देना होगा।


Click it and Unblock the Notifications