सरकार ने खुदरा निवेशकों के लिए एक नयी बांड योजना अधिसूचित की है जिसमें निवेश पर सालाना 7.75 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज मिलेगा पर इसमें आयकर छूट नहीं होगी। यह योजना मौजूदा आठ प्रतिशत ब्याज वाली बांड योजना की जगह लेगी।

वित्त मंत्रालय के आज जारी बयान में कहा गया है कि इन बांड की सात साल की मियाद के हैं और इनकी बिक्री 10 जनवरी को खुलेगी ।
आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने एक ट्वीट में कहा है, 7.75 प्रतिशत वाली बचत बांड योजना अधिसूचित कर दी गई है। यह 8 प्रतिशत वाली बांड योजना की जगह लेगी। अधिसूचना और इसमें एक सप्ताह का अंतर जरूरी था ताकि चेकों के भुनाने की अवधि के साथ टकराव न हो।
बयान में कहा गया है कि नयी योजना 10 जनवरी से प्रभावी होगी। इस योजना में ब्याज का भुगतान अर्धवार्षिक रूप में किया जाएगा। सात वर्ष की मियाद पूरी होने पर पूरा पैसा लने वालों के लिए1000 रुपये का निवेश 1,703 रुपये हो जाएगा। ये बांड सम मूल्य पर जारी किए जाएंगे। इन बांडों की खुले बाजार में खरीद फरोख्त नहीं हो सकती है और न ही इन्हें कर्ज के लिए बंधक रखा जा सकता। ये बांड दूसरे को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता हैं।
पुराने आठ प्रतिशत ब्याज वाले बांड 21 अप्रैल 2003 को लाए गए थे।
वित्त मंत्रालय ने इस योजना में ब्याज घटाने का कोई कारण नहीं बताया है पर ब्याज दर में गिरावट के इस परिवेश में बांड पर ब्याज कम रखा गया। हां, इन बांडों पर सम्पत्ति कर से छूट होगी।


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