बिटक्वाइन को लेकर अब एक नई बहस छिड़ गई है। मुस्लिम धर्म गुरू ने बिटक्वाइन को लेकर फतवा जारी किया है और इसे इस्लाम में हराम बताया है। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से बिटक्वाइन को लेकर लोग खोज रहे थे कि बिटक्वाइन हलाल है या हराम, वहीं अब इस बयान के बाद बिटक्वाइन को लेकर नई बहस शुरु हो सकती है।
बिटक्वाइन का कारोबार गैरकानूनी
समाचार पोर्टल न्यूज 18 ने एजेंसी के हवाले से खबर प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, मिस्र के शीर्ष इमाम ने बिटक्वाइन में कारोबार को गैरकानूनी बताते हुए इसे इस्लाम में हराम करार दिया है। ये रिपोर्ट अल-अहराम ऑन लाइन की तरफ से जारी हुई है, जिसके मुताबिक, शीर्ष मुफ्ती शेख शॉकी अल्लाम ने सोमवार को कहा कि डिजिटल क्रिप्टो-करेंसी के साथ कपट, अज्ञानता और धोखाधड़ी के खतरे जुड़े हुए हैं।
बिटक्वाइन को वैधानिक स्वीकृति नहीं मिली
शीर्ष मुफ्ती शेख शॉकी अल्लाम ने एक आधिकारिक फतवे में कहा कि ऐसी आभासी मुद्रा में लेनदेन मुनासिब नहीं है, क्योंकि सक्षम वैधानिक निकाय इसे विनिमय के स्वीकृत तरीके नहीं मानते।
बिटक्वाइन को लेकर चेतावनी जारी
नहीं बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल पहले बिटक्वाइन का मूल्य एक हजार डॉलर था, जो साल खत्म होने से पहले बढ़कर 20 हजार डॉलर हो गया। फिर एक ही हफ्ते में इसकी कीमत सीधे 25 फीसदी गिर गई और तब चेतावनियां जारी हुईं कि यह बहुत खतरनाक गुब्बारा है, जो कभी भी फूट सकता है।
क्यों बताया बिटक्वाइन को खतरा
शीर्ष मुफ्ती ने कहा कि बिटक्वाइव खतरा इसलिए है, क्योंकि बिटक्वाइन किसी केंद्रीकृत प्राधिकरण की निगरानी में नहीं होता। फतवे में कहा गया है, "बिटक्वाइन शरिया में हराम है, क्योंकि व्यक्ति, समूह और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाता है।" आपको बता दें कि मिस्र में अगस्त 2017 में बिटक्वाइन का पहला एक्सचेंज खुला था। इसे अधिकारियों ने बीते महीने अवैध घोषित किया।


Click it and Unblock the Notifications