भारत की 10 बड़ी फार्मा कंपनियां, $13 बिलियन का है कारोबार

भारतीय फार्मा सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। भारतीय फार्मा इंडस्ट्री सालाना 13 अरब डॉलर से अधिक फार्मास्यूटिकल उत्पादों का निर्यात होता है।

भारतीय फार्मा सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। भारतीय फार्मा इंडस्ट्री सालाना 13 अरब डॉलर से अधिक फार्मास्यूटिकल उत्पादों का निर्यात करता है। वर्तमान में यह 36.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2020 तक यह 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला उद्योग है और मात्रा के अनुसार यह विश्व में तीसरे स्थान पर है। भारत में कई फार्मा कंपनियां हैं जो भारत के फार्मा सेक्टर में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही हैं। यहाँ भारत की 10 श्रेष्ठ फार्मा कंपनियों की सूची दी जा रही है।

10. ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन

10. ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन

ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन फर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ब्रिटिश फार्मास्यूटिकल कंपनी ' ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन पीएलसी' की भारतीय सहायक कंपनी है। यह कंपनी उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं और टीकों का निर्माण और विकास करती है। ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन विभिन्न चिकित्सीय क्षेत्रों जैसे त्वचा विज्ञान, स्त्री रोग, मधुमेह रोग और श्वसन रोग आदि के लिए नवीन औषधियों का निर्माण भी करती है। यह भारत की पुरानी कंपनियों में से एक है और इसके पास लगभग 27,000 करोड़ रुपए का पूंजी बाज़ार है।

9. दिवि'स लेबोरेटरीज़

9. दिवि'स लेबोरेटरीज़

दिवि'स लेबोरेटरीज़ भारतीय फार्मा इंडस्ट्री में 1990 से अपनी सेवायें प्रदान कर रही है। दिवि'स लेबोरेटरीज़ का बाज़ार पूंजीकरण लगभग 28,609 करोड़ रुपयों का है। भारत की टॉप 10 फार्मा कंपनियों में यह 9वें स्थान पर है। कंपनी अपने रिसर्च और डेवलपमेंट यूनिट में बहुत अधिक निवेश कर रही है। यह कंपनी विभिन्न क्षेत्रों जैसे डाइबिटीयोजेनेसिस, कार्डियोलॉजी, डरमेटोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में अपने उत्पाद उपलब्ध करवाती है। इस कंपनी में 3,708 कर्मचारी काम करते हैं।

8. टोरेंट फार्मा

8. टोरेंट फार्मा

टोरेंट फर्मास्यूटिकल्स उपचार के विभिन्न क्षेत्रों जैसे डाइबिटोलॉजी, एंटी-इंफेक्टिव, सेन्ट्रल नर्वस सिस्टम, गैस्ट्रोइंटस्टाइनल और दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में 1000 से अधिक उत्पादों का उत्पादन करती है। टोरेंट फार्मा पूरे विश्व में लगभग 50 देशों में अपना संचालन कर रही है। इस कंपनी ने 1959 में अहमदाबाद में अपना कारोबार शुरू किया था और आज यह भारत की एक विश्वसनीय कंपनी है और भारत की टॉप 10 फार्मा कंपनियों में यह 8वें स्थान पर है।

7. कैडिला फर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड

7. कैडिला फर्मास्यूटिकल्स लिमिटेड

कैडिला फर्मास्यूटिकल्स एक टॉप भारतीय मल्टीनेशनल फार्मा कंपनी है जो वर्तमान में पूरे विश्व के 100 से अधिक देशों में व्यापार कर रही है। अहमदाबाद में स्थित इस कंपनी की स्थापना 1951 में श्री इंद्रवदन ए. मोदी ने की थी। यह कंपनी उपचार के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कार्डियोवैस्कुलर, गैस्ट्रोइंटस्टाइनल, एंटी-इंफेक्टिव, एंटीबायोटिक्स, अनल्जेसिक, हेमाटिनीक्स, एंटी-डाइबिटीक और इम्यूनोलॉजिकल्स आदि के लिए 850 से अधिक उत्पाद उपलब्ध करवाती है। यह भारत की टॉप फार्मा कंपनियों में से एक है।

6. ग्लेनमार्क

6. ग्लेनमार्क

ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स भारत में मुंबई में स्थित एक भारतीय मल्टीनेशनल फार्मास्यूटिकल कंपनी है। अपने उच्च गुणवत्ता उत्पादों के द्वारा जीवन में सुधार लाने के कारण कारण ग्लेनमार्क पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ग्लेनमार्क फार्मा के लगभग 40 देशों में ऑफिस हैं, पांच देशों में 17 उत्पादन यूनिट और पूरे विश्व में 5 रिसर्च एंड डेवलपमेंट केंद्र हैं। वर्ष 2016-17 में इसकी बिक्री लगभग 1.25 बिलियन डॉलर थी जिसके कारण यह भारत की छटवीं बड़ी श्रेष्ठ फार्मा कंपनी बन गयी। 80 से अधिक देशों में इस कंपनी की व्यावसायिक उपस्थिति है और कंपनी अपने अंतरराष्ट्रीय संचालन के द्वारा लगभग 70% राजस्व उत्पन्न करती है।

5. औरोबिन्दो फार्मा लिमिटेड

5. औरोबिन्दो फार्मा लिमिटेड

औरोबिन्दो फार्मा हैदराबाद में स्थित एक अन्य टॉप फार्मा कंपनी है जो 1986 से इस क्षेत्र में व्यापार कर रही है। इस कंपनी के प्रमुख उत्पाद एंटीएट्रोवायरल उत्पाद, एंटीबायोटिक्स और एंटी-एलर्जिक उत्पाद हैं। कंपनी ने पौण्डिचेरी में अपना एक मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित किया और आज यह कंपनी 125 देशों से अधिक देशों को अपने उत्पाद बेचती है। कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 2 बिलियन डॉलर है। यह भारत की टॉप 10 फार्मा कंपनियों में से एक है।

4. सिप्ला

4. सिप्ला

सिप्ला भारत की श्रेष्ठ फार्मा कंपनियों में से एक है और लगभग 100 से अधिक देशों में इसकी उपथिति है जिसमें यूरोप, साउथ अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका शामिल है। कंपनी की स्थापना 1935 में मुंबई में डॉ. ख्वाजा अब्दुल हमीद ने की थी। कंपनी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों, आर्थराइटिस, डाइबिटीज़, वेट कंट्रोल और डिप्रेशन के लिए उच्च गुणवत्ता की और सस्ती दवाईयां उपलब्ध करवाती है। पूरे भारत में कंपनी की 34 विनिर्माण इकाईयां और 8 लेबोरेटरीज़ हैं। वर्ष 2017 में कंपनी में 25,000 कर्मचारी हैं और इसका टर्नओवर 2.01 बिलियन यू.एस. डॉलर है।

3. डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़

3. डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़

डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़ भारत की टॉप फार्मा कंपनियों में से एक है। हैदराबाद में स्थित इस कंपनी की स्थापना कलाम अंजी रेड्डी ने 1984 में की थी और तब से इस कंपनी ने बहुत सफलता प्राप्त की जो मुख्य रूप से कंपनी के ओमेज़ उत्पाद के कारण थी। यह कंपनी का ब्रांडेड ओमेप्रजोल है जो अल्सर और रिफ्लक्स इसोफेगेटिस औषधि है। कंपनी के पास लगभग 60 एपीआई है और यह लगभग 190 औषधियों का निर्माण करती है। कंपनी का व्यापार लगभग 20 देशों में फैला हुआ है। डॉ. रेड्डी की सालाना बिक्री 2.4 बिलियन डॉलर से अधिक है।

2. लूपिन

2. लूपिन

लूपिन मुंबई स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी है जिसकी स्थापना 1968 में देश बंधू गुप्ता द्वारा की गयी। लूपिन दुनिया में तेज़ी से बढ़ रही जनरिक दवाईयों की फार्मास्यूटिकल कंपनी है। कंपनी के बाल रोग, सीएनएस, मधुमेह, अस्थमा और एनएसएआईडी थेरेपी आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। राजस्व और बाज़ार पूंजीकरण की दृष्टि से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है। वर्ष 2017 तक कंपनी का सालाना टर्नओवर 2.06 बिलियन यू.एस. डॉलर है। कंपनी की अत्याधुनिक आर एंड डी केंद्र पुणे में है और नई केमिकल इकाईयों के विकास में यह कंपनी बहुत अधिक निवेश कर रही है। यह भारत की 10 टॉप फार्मा कंपनियों में से एक है।

1-  सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

1- सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

सन फार्मा भारतीय फार्मा इंडस्ट्री की राजा कंपनी है। सन फार्मा की स्थापना 1983 में दिलीप शंघवी द्वारा की गयी जो वर्तमान में भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इस भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है। वर्तमान में यह कंपनी 150 से अधिक देशों में अपना व्यापार चला रही है जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स, यूरोप, अफ्रीका, कनाड़ा, चीन और अन्य मुख्य शहर शामिल हैं। यह कंपनी विश्व में फार्मा उत्पादों की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी है। यह मनोचिकित्सा, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के मार्केट में लीडर है। वर्ष 2014 में सन फार्मा ने रेनबेक्सी लेबोरेटरीज़ का पूरी तरह से अधिग्रहण कर लिया और इस अधिग्रहण के बाद सन फार्मा भारत की सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी और विश्व की 5वीं बड़ी जेनरिक कंपनी बन गयी। 2015 में कंपनी का राजस्व 4.1 बिलियन डॉलर था।

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