एक तरफ सरकार आधार को जरूरी सुविधाओं से जोड़कर लोगों तक जरूरी सुविधाएं आसानी से पहुंचाना चाह रही है वहीं दूसरी तरफ यही आधार लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कहीं आधार नहीं होने से लोगों को राशन नहीं मिल रहा है तो कहीं आधार के आंकड़ों से एयरटेल जैसी कंपनी 'खेल' रही है और लोगों की LPG सब्सिडी को बिना लोगों की परमिशन के ही एयरटेल पेमेंट बैंक में जमा कर रही है, वहीं अब आधार कार्ड से जुड़ी एक और परेशानी सामने आई है। खबरों के मुताबिक आधार के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाने के कारण तमाम बुजुर्गों को पेंशन मिलने में परेशानी हो रही है।
बीजेपी MP ने लोकसभा में उठाया मुद्दा
इस बात का खुलासा खुद बीजेपी के सांसद सुशील कुमार सिंह ने किया। सुशील कुमार सिंह बिहार के औरंगाबाद से सांसद हैं। सांसद सुशील कुमार ने शुक्रवार को सदन में ये मामला उठाते हुए कहा कि, हजारों बुजुर्गो को अपने बॉयोमेट्रिक रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाने के कारण पेंशन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एयरटेल धोखाधड़ी मामले पर भी दर्ज की आपत्ति
इसके अलावा सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा ही लोगों की 190 करोड़ रुपये की एलपीजी सब्सिडी के दूरसंचार कंपनी एयरटेल के खाते में स्थानांतरित किए जाने की धोखाधड़ी का उल्लेख किया और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
डिटेल मैच नहीं होने से सांसद की मां को नहीं मिला सिमकार्ड
सांसद सुशील सिंह ने कहा, "बीते एक साल से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही है, क्योंकि उनके अंगूठे का निशान व रेटिना स्कैन का मिलान नहीं हो पाता है।" उन्होंने कहा कि उनकी मां अपने अंगुलियों के निशान के मिलान नहीं हो पाने से अपने नाम से एक सिम कार्ड भी प्राप्त नहीं कर सकी हैं।
एयरटेल ने किया है अपराध
एयरटेल के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "यह एक आपराधिक कृत्य है कि किसी का धन बिना उसकी इजाजत के दूसरे खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने कार्रवाई की है, लेकिन दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।"
समस्या का हल निकालने के लिए केंद्र से आग्रह
सांसद ने केंद्र से समस्या का हल निकालने का आग्रह किया।उन्होंने कहा, "सरकार को इस मुद्दे का हल करने के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए।" बड़ी संख्या में एलपीजी उपभोक्ताओं ने अपनी एलपीजी सब्सिडी के अपने पहले के बैंक खाते में नहीं पहुंचने की शिकायत की थी। जांच में पता चला है कि ये शिकायतें एयरटेल उपभोक्ताओं से जुड़ी थीं, जिन्होंने एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोले थे।
एयरटेल वापस करेगा 190 करोड़ रुपए
रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) को 190 करोड़ रुपये, ब्याज सहित उपभोक्ताओं के मूल बैंक खातों में वापस करने का वादा किया है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से जुड़े हैं।


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