सरकार चालू वित्त वर्ष की बाकी अवधि में सरकारी व्यय को पूरा करने के लिए बाजार से 50,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेगी। सरकार ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी जारी की। आगामी चौथी तिमाही में सरकार सरकारी सिक्युरिटीज (जी-एसईसी) जारी करेगी। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 26 दिसंबर तक सरकार ने चालू वित्त वर्ष में बाजार से कुल 3.81 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है।

बयान में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मिलकर सरकार के कर्ज कार्यक्रम की समीक्षा के बाद सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में 'बाजार से अतिरिक्त 50,000 रुपये का कर्ज लेने का फैसला किया है।' ऐसा माना जा रहा है कि सरकार की पिछले महीने जीएसटी से आय घटी है जिसके बाद सरकार ने कदम उठाया है।
चालू वित्त वर्ष के आम बजट में सरकार ने सकल और शुद्ध बाजार कर्ज का क्रमश: 5,80,000 करोड़ रुपये और 4,23,226 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया था। इसमें से 3,48,226 करोड़ रुपये का सरकारी सिक्युरिटीज से तथा 2,002 करोड़ रुपये टी-बिल्स से जुटाने थे। बयान में कहा गया है कि सरकार का सकल और शुद्ध बाजार कर्ज 26 दिसंबर तक क्रमश: 5,21,000 करोड़ रुपये और 3,81,281 करोड़ रुपये रहा है।
नवंबर में GST कलेक्शन लगातार दूसरे महीने में गिरकर 80,808 करोड़ रुपये रह गया। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 83 हजार करोड़ रुपए था और 53,06 लाख रिटर्न फाइल किए गए थे। रेवन्यू में आ रही लगातार गिरावट सरकार के खजाने में भारी चोट पहुंचा रही है और राजकोषीय घाटे पर भी उसका बोझ पड़ रहा है।


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