एयरटेल पेमेंट बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक शशि अरोड़ा ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा आधार नंबर के दुरुपयोग मामले में कंपनी की आधार से जुड़ी ई-केवाईसी सेवाओं को 16 दिसंबर को स्थगित करने के बाद शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
एयरटेल का बयान
एयरटेल ने अपने बयान में UIDAI द्वारा एयरटेल की ई-केवाई सुविधा को स्थगित करने का उल्लेख किए बिना कहा कि UIDAI ने आंशिक रूप से यह सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा, "शशि अरोड़ा कंपनी के साथ साल 2006 से ही नेतृत्व की भूमिका में जुड़े हुए थे। वे एयरटेल के लिए काफी अहम थे और उन्होंने कंपनी के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।"
कंपनी ने दी शुभकामनाएं
बयान में कहा गया, "उन्होंने कंपनी के डीटीएच कारोबार को मजबूत किया और एयरटेल पेमेंट बैंक की आधारशिला रखी। अब शशि ने कंपनी को छोड़कर बाहर के अवसरों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।" कंपनी ने अभी तक अरोड़ा के उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा नहीं की है।
क्या था पूरा मामला
हाल में ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पता चला कि एयरटेल ने ग्राहकों से लिए गए आधार नंबर का दुरुपयोग किया और बिना ग्राहकों की अनुमति के ही एयरटेल पेमेंट बैंक में खाता खोल दिया। इतना ही नहीं एयरटेल ने चालाकी दिखाते हुए आधार से जुड़ी सब्सिडी भी एयरटेल पेमेंट बैंक के खातों में जमा करनी शुरु कर दी। हैरानी की बात ये थी कि ग्राहकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, इस खुलासे के बाद UIDAI ने एयरटेल को फटकार लगाई और एयरटेल केवाईसी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया।
ग्राहकों की अनुमति लेना जरुरी
आधार जारी करने वाले भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण UIDAI ने एयरटेल जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बैंकों को निर्देश दिया है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी के लिए बैंक खाते में बदलाव ग्राहक की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता। UIDAI की गजट अधिसूचना में कहा गया है कि बैंकों को इस बदलाव के बारे में 24 घंटे के अंदर एसएमएस या ई मेल से ग्राहक को इसकी सूचना देनी होगी। इसके अलावा उसे संबंधित व्यक्ति को इस बदलाव को पलटने का भी विकल्प देना होगा।
एयरटेल ने ग्राहकों को दिया धोखा!
यह अधिसूचना सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान, विशेषरूप से एलपीजी सब्सिडी लाभार्थियों के उन खातों में पहुंचने के बाद जारी की गई जो आधार संख्या का इस्तेमाल कर सबसे बाद में खोले गए हैं। भारती एयरटेल के मामले में तो स्थिति और भी खराब है, जिसने अपने मोबाइल ग्राहकों का उनकी सहमति के बिना एयरटेल पेमेंट्स बैंक में खाता खोला और उनकी एलपीजी सब्सिडी इसी खाते में पहुंचने लगी। इन ग्राहकों ने आधार का इस्तेमाल एयरटेल के अपने सिम के सत्यापन के लिए किया था।


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