क्रिप्टो करंसी बिटक्वाइन को लेकर पूरी दुनिया में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आज के दौर में एक बिटक्वाइन की कीमत 10 लाख 56 हजार रुपए से ज्यादा है। अगर इसकी तुलना डॉलर से करें तो एक बिटक्वाइन की कीमत 16 हजार डॉलर से ज्यादा है। अब जापान की एक कंपनी अपने कर्मचारियों को बिटक्वाइन में वेतन देगी।
GMO इंटरनेट कंपनी देगी विटक्वाइन में वेतन
जापान की एक कंपनी GMO इंटरनेट ने एलान किया है कि फरवरी 2018 से वह अपने कर्मचारियों को बिटक्वाइन में भी वेतन देगी। जीएमओ इंटरनेट कंपनी वेब, वित्त और आनलाइन व्यवसाय में है। बिटक्वाइन में भी वेतन देने के एलान के बाद GMO इंटरनेट कंपनी की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। दिलचस्प बात ये है कि GMO इंटरनेट में करीब 4 हजार कर्मचारी काम करते हैं और सभी को बिटक्वाइन में वेतन देने की घोषणा करके कंपनी पूरी दुनिया में चर्चा में है।
असमंजस में अमेरिका
बिटक्वाइन को लेकर अमेरिका भी थोड़े असमंजस की स्थिति में हैं। दुनिया के तमाम देश अब क्रिप्टोकरंसी को लेकर कानून बनाने की कोशिश में हैं। अमेरिका में डिजिटल करंसी को मनी लॉन्ड्रिंग कानून जद में लाने पर चर्चा तेज है। आने वाले दिनों में अमेरिका क्रिप्टोकरंसी बिटक्वाइन पर टैक्स भी लगा सकता है। वहीं इस अंदेशे से लोगों में गुस्सा भी है।
RBI ने जारी की चेतावनी
भारत में भी क्रिप्टोकरंसी बिटक्वाइन को लेकर नीतियां और कानून बनाने की कवायद जारी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में बिटक्वाइन समेत अन्य वर्चुअल मुद्राओं के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसे देखते हुए सरकार ने वर्चुअल मुद्राओं की मौजूदा रूपरेखा पर गौर करने के लिए विशेष सचिव (आर्थिक मामले) की अध्यक्षता में एक अंतर-अनुशासन समिति का गठन किया है।
वित्त मंत्रालय गठित करेगा समिति
वर्चुअल या क्रिप्टोकरंसी की मौजूदा रूपरेखा पर गौर करने के उद्देश्य से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने विशेष सचिव (आर्थिक मामले) की अध्यक्षता में एक अंतर-अनुशासन समिति गठित की है, जिसमें आर्थिक मामलों के विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, राजस्व विभाग (सीबीडीटी), गृह मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक, नीति आयोग और भारतीय स्टेट बैंक का प्रतिनिधित्व है।
RBI ने किया आगाह
वर्चुअल या आभासी मुद्राओं, जिन्हें डिजिटल/क्रिप्टो मुद्राएं भी कहते हैं, का प्रचलन चिंता का विषय है। समय-समय पर विभिन्न मंचों पर इन मुद्राओं को लेकर चिंता जताई गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बिटक्वाइंस समेत वर्चुअल मुद्राओं के उपयोगकर्ताओं (यूजर्स), धारकों और कारोबारियों को इनसे जुड़े संभावित वित्तीय, परिचालनात्मक, कानूनी, उपभोक्ता संरक्षण और सुरक्षा जोखिमों को लेकर आगाह किया है।


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