UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक का ई-केवाईसी लाइसेंस अस्थायी तौर पर रद् कर दिया है। कंपनी पर ग्राहकों की अनुमति के बिना अकाउंट खोलने का आरोप है। कंपनी अब ई-केवाईसी नहीं कर पाएगी। यूआईडीएआई ने पिछले महीने ही इस मामले की जांच शुरु की थी।

जांच में पाया गया है कि ग्राहको की अनुमति के बिना बैंक अकाउंट खोले गए हैं और करीब 167 करोड़ रुपए की सब्सिडी इन खातों में ट्रांसफर हुई थी। यानी कि 31 लाख 21 हजार ग्राहकों के 167 करोड़ रुपए एयरटेल पेमेंट बैंक में बिना अनुमति के जमा कर दिए गए। नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मामला सुलझ जाएगा।
मामले की जांच के बाद यूआईडीएआई ने अपने अंतरिम आदेश में भारती एयरटेल पेमेंट्स बैंक को सिम कार्ड और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक और ई-केवाईसी वेरिफिकेशन पर रोक लगा दिया है। यूआईडीएआई ने यह भी पाया कि आधार ई-केवाईसी के जरिए मोबाइल वेरिफिकेशन के दौरान एयरटेल रिटेलर्स एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते भी खोल रहे थे।


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