फेडरेशन ऑफ होटल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार के बीच चल रहे MRP के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने ग्राहकों के खिलाफ फैसला दिया है। मंगलवार को सुनाए गए एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट्स को उत्पादों की तय कीमत पर बेचने के लिए नहीं कहा जा सकता है।
MRP से ज्यादा पैसे
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद से होटल और रेस्टोरेंट्स बोतलबंद पानी, कोल्डड्रिंक्स और अन्य पैकेज्ड चीजों पर MRP से ज्यादा कीमत ले सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने कहा कि, जब होटल या रेस्टोरेंट्स खाना-पानी बेचते हैं तो असल में वो एक सेवा प्रदान करते हैं। इसके लिए वो अपने सिस्टम के तहत बिलिंग कर सकते हैं, कोर्ट ने कहा कि इसके लिए MRP की दरों पर जोर नहीं दिया जा सकता है।
सरकार ने लगाई थी रोक
यह मामला फ़ेडरेशन ऑफ होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) और केंद्र सरकार के बीच चल रहा था। फेडरेशन ने सरकार के उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसमें एमआरपी से ज्यादा कीमत पर बेचने पर रोक लगाई गई थी।
MRP से ज्यादा वसूलने पर लगेगी रोक
केंद्र सरकार ने इस फैसले से उलट पहले कहा था कि 'होटल और रेस्टोरेंट पहले से पैकेज्ड उत्पादों पर एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूल नहीं सकते हैं। ऐसा करना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है।'सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है और जेल की सजा हो सकती है।
दलील पर दलील
लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत भी कहा गया है कि भी प्री-पैकेज़्ड उत्पाद पर छपी हुई कीमत से ज्यादा कीमत पर बेचने पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन की बेंच ने कहा है कि लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट होटल और रेस्टोरेंट पर लागू नहीं होता है।


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