उम्मीद के मुताबिक RBI ने अपनी क्रेडिट पॉलिसी में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। RBI की ये 2017 की आखिरी क्रेडिट पॉलिसी थी। RBI पर सरकार की तरफ से दबाव था कि वह क्रेडिट पॉलिसी में ब्याज दरों में कटौती करे। हालांकि RBI ने ब्याज दरें तो नहीं घटाईं लेकिन बढ़ाई भी नहीं।

आरबीआई ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट को स्थिर रखा है। इन दोनों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिजर्व बैंक रिजर्व बैंक की नीतिगत दर (रेपो दर) 6.00 प्रतिशत है जो कि पहले भी यही थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अक्टूबर में 3.58 प्रतिशत हो गई, जबकि सितंबर में यह 3.28 प्रतिशत थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी प्रति बैरल 60 डॉलर से ऊपर चल रही हैं। मुद्रास्फीति बढ़ने के खतरे को देखते हुए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक में नीतिगत दरों में कटौती की संभावना कम ही दिख रही थी, और रिजर्व बैंक ने इस संभावना को सही साबित किया।


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